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म्यांमार के हथियारों का वीडियो मणिपुर की मस्जिद का बताकर षडयंत्र रचा गया

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर बड़ा भ्रामक दावा सामने आया है, जिसमें हथियारों के जखीरे को मणिपुर की एक मस्जिद से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। फैक्ट चेक में पता चला है कि वीडियो का मणिपुर या भारत से कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह म्यांमार का पुराना वीडियो है जिसे गलत संदर्भ के साथ साझा किया गया।

फैक्ट चेक रिपोर्ट के मुताबिक वायरल वीडियो में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद दिखाई दे रहे थे। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे मणिपुर की मस्जिद से बरामद हथियार बताते हुए सांप्रदायिक दावा किया, जिससे लोगों के बीच भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा होने की आशंका बनी। हालांकि जांच में सामने आया कि यह वीडियो म्यांमार में जारी संघर्ष से जुड़ा है और इसे गलत तरीके से भारत के संदर्भ में पेश किया गया।

जांच के दौरान वीडियो के की-फ्रेम और विजुअल्स को रिवर्स सर्च करने पर इससे जुड़े पुराने अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट मिले, जिनमें इसे म्यांमार के हथियारों के जखीरे के तौर पर दिखाया गया था। किसी विश्वसनीय स्रोत में इसे मणिपुर या किसी धार्मिक स्थल से जोड़ने का प्रमाण नहीं मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि वीडियो को भ्रामक नैरेटिव बनाने के लिए नए दावे के साथ वायरल किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि संवेदनशील मुद्दों से जुड़े ऐसे भ्रामक वीडियो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए किसी भी वायरल सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। फैक्ट चेक में लोगों से अपील की गई है कि बिना पुष्टि के ऐसे वीडियो को आगे न बढ़ाएं और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर पुरानी या विदेशी घटनाओं के वीडियो को गलत संदर्भ में पेश कर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की जाती है। ऐसे में जागरूकता और तथ्य जांच ही गलत जानकारी के प्रसार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है।

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