एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026
CBI-ED की सारी चालें फेल, 4 साल का राजनीतिक बदला कोर्ट में भी बेनकाब
शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बीजेपी सरकार के सबसे बड़े झूठ को सिरे से नकार दिया। दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के CBI भ्रष्टाचार मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कविता और बाकी 23 आरोपियों को पूरी तरह डिस्चार्ज कर दिया गया। कोर्ट ने CBI की चार्जशीट को सीधे फेंक दिया। कहा – “प्रस्तुत सामग्री से कोई प्रथमदृष्टया मामला नहीं बनता। कोई ठोस सबूत नहीं। कोई साजिश नहीं। सिर्फ अनुमान, सिर्फ परिस्थितिजन्य कहानियां।”
कोर्ट के इस फैसले के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट के बाहर का माहौल देखने लायक था। अरविंद केजरीवाल भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने आज साफ-साफ कहा – केजरीवाल और सिसोदिया ईमानदार हैं। चार साल तक मुझे जेल में सड़ाया गया, परिवार को परेशान किया गया, लेकिन सच की जीत हुई।”
मनीष सिसोदिया ने भी तीखा हमला बोला – “बीजेपी ने ED-CBI को अपना निजी हथियार बना लिया था। मुझे 17 महीने जेल में रखा, लेकिन एक भी ठोस सबूत नहीं ला सके। यह राजनीतिक प्रतिशोध था, भ्रष्टाचार नहीं।”
कोर्ट ने CBI को लताड़ा
जज ने आदेश में साफ लिखा – “जांच एजेंसी ने विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं किए। ज्यादातर आरोप कागजों पर अनुमान और व्याख्याओं पर टिके थे। कथित किकबैक, शराब माफिया को फायदा, चुनावी फंडिंग… इनमें से कोई भी बात सबूतों से नहीं जुड़ सकी।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि “किसी व्यापक आपराधिक साजिश या मंशा का जरा भी सबूत नहीं मिला। जांच में इतनी खामियां हैं कि आगे ट्रायल चलाने का कोई मतलब नहीं।”
यानी CBI की वो पूरी कहानी – “शराब नीति में घोटाला, 100 करोड़ का किकबैक, AAP का चुनावी फंड” – सब हवा में। चार साल तक टीवी चैनल, प्रेस कॉन्फ्रेंस, गिरफ्तारियां, जेल… सब बेकार।
AAP का पलटवार
आम आदमी पार्टी ने इसे “सत्य की जीत और तानाशाही की हार” बताया। संजय सिंह ने कहा, “मोदी सरकार ने ED-CBI का दुरुपयोग किया। विपक्ष को कुचलने के लिए झूठे केस ठोंके। आज कोर्ट ने बीजेपी का चेहरा नंगा कर दिया।”
अतिशी ने ट्वीट किया — “केजरीवाल पर 100 आरोप लगाए, 100 झूठ साबित हुए। अब बीजेपी को जवाब देना होगा – देश की एजेंसियों को क्यों बर्बाद किया?”
बीजेपी चुप्पी साधे, सिर्फ ‘अपील’ का राग
बीजेपी ने अभी तक कोई सीधा बयान नहीं दिया। सूत्र बता रहे हैं कि CBI अपील करने की तैयारी में है, लेकिन अंदर ही अंदर माहौल खराब है। एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “अब यह केस बचाना मुश्किल है।”
अब सवाल ये है
– CBI-ED ने 4 साल तक देश को क्यों बेवकूफ बनाया?
– कितने निर्दोषों की जिंदगी बर्बाद की गई?
– राजनीतिक बदले के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कब तक चलेगा?
आज का फैसला सिर्फ केजरीवाल-सिसोदिया की नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की जीत है। जो लोग कहते थे “एक दिन सच सामने आएगा”, आज उनका दिन है।
बीजेपी सरकार का झूठ एक बार फिर उजागर हो गया। अब जनता पूछ रही है – अगला निशाना कौन?





