एबीसी नेशनल न्यूज | लंदन | 27 फरवरी 2026
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री Keir Starmer की लेबर पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। ग्रेटर मैनचेस्टर की गोर्टन एंड डेंटन सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा — यह सीट लगभग एक सदी से लेबर के कब्जे में मानी जाती रही थी।
उपचुनाव में Hannah Spencer ने ग्रीन पार्टी के टिकट पर 40.7% वोट हासिल कर जीत दर्ज की और क्षेत्र की पहली ग्रीन सांसद बन गईं। यह ग्रीन पार्टी की पहली वेस्टमिंस्टर उपचुनाव जीत होने के साथ-साथ उत्तरी इंग्लैंड में उनकी पहली संसदीय सीट भी है।
दूसरे स्थान पर Nigel Farage की पार्टी रिफॉर्म यूके रही, जिसे 28.7% वोट मिले, जबकि लेबर पार्टी 25.4% वोट के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई। 2024 के आम चुनाव में इस सीट पर लेबर को 50% से अधिक वोट मिले थे, जिससे स्पष्ट है कि पार्टी के समर्थन में बड़ी गिरावट आई है।
यह उपचुनाव पूर्व लेबर सांसद Andrew Gwynne के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद कराया गया था। चुनाव प्रचार के दौरान स्टार्मर ने खुद मोर्चा संभाला और मैनचेस्टर के मेयर Andy Burnham को उम्मीदवार बनाए जाने से रोका, लेकिन नतीजे पार्टी के लिए निराशाजनक रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्टार्मर की घटती लोकप्रियता, आर्थिक सुस्ती, विवादों और नीतिगत यू-टर्न ने लेबर के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित किया है। उपचुनाव में मतदाताओं का झुकाव ग्रीन और रिफॉर्म जैसी उभरती पार्टियों की ओर दिखाई दिया, जो ब्रिटेन की पारंपरिक दो-दलीय राजनीति के कमजोर होने का संकेत माना जा रहा है।
प्रख्यात चुनाव विशेषज्ञ John Curtice ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से ब्रिटिश राजनीति का सबसे अनिश्चित दौर बताया है। इस हार के बाद स्टार्मर पर इस्तीफे की मांगें तेज हो गई हैं और मई में होने वाले स्थानीय व क्षेत्रीय चुनावों से पहले लेबर पार्टी की चुनौतियां बढ़ती दिख रही हैं। यह परिणाम इस बात का संकेत है कि ब्रिटेन में पुराने वोट बैंक तेजी से बिखर रहे हैं और नई पार्टियां राजनीतिक जमीन मजबूत कर रही हैं।




