एबीसी नेशनल न्यूज | वॉशिंगटन/कैम्ब्रिज | 26 फरवरी 2026
विवादों की पृष्ठभूमि और इस्तीफे की घोषणा
यौन अपराधी और मानव तस्कर Jeffrey Epstein से जुड़े लगातार उभरते विवादों के बीच पूर्व अमेरिकी वित्त मंत्री और प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री Larry Summers ने घोषणा की है कि वह मौजूदा शैक्षणिक सत्र के अंत में Harvard University में अपने शिक्षण पद से इस्तीफा दे देंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब एपस्टीन के साथ उनके पुराने संपर्कों को लेकर सार्वजनिक और शैक्षणिक हलकों में बहस तेज हो गई है। समर्स का नाम उन प्रमुख हस्तियों में शामिल रहा है जिनके एपस्टीन से संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, और हालिया चर्चाओं ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। पूर्व वित्त मंत्री लॉरेंस एच. समर्स अमेरिका के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। क्लिंटन प्रशासन में 71वें वित्त मंत्री के रूप में सेवा देने के अलावा, डॉ. समर्स ने ओबामा प्रशासन के दौरान व्हाइट हाउस नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के निदेशक, हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्यक्ष तथा विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
हार्वर्ड की साख और बढ़ता संस्थागत दबाव
लैरी समर्स केवल एक प्रोफेसर ही नहीं बल्कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जिससे यह मामला और संवेदनशील बन गया है। विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर दोनों जगह यह बहस तेज हुई कि प्रतिष्ठित संस्थानों को अपने नैतिक मानकों और सार्वजनिक छवि के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। छात्रों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों के बीच बढ़ती आलोचना के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी नैतिक जवाबदेही को लेकर दबाव महसूस किया गया। माना जा रहा है कि समर्स का इस्तीफा संस्थान की छवि पर पड़ रहे प्रभाव को कम करने और विवाद को सीमित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एपस्टीन प्रकरण की व्यापक गूंज
जेफ्री एपस्टीन का मामला पहले ही वैश्विक राजनीति, वित्तीय जगत और शैक्षणिक संस्थानों तक अपनी गहरी छाप छोड़ चुका है। एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और नेटवर्क को लेकर समय-समय पर सामने आने वाली जानकारियों ने कई प्रभावशाली व्यक्तियों और संस्थानों को असहज स्थिति में ला दिया है। इस पूरे प्रकरण ने यह बहस भी तेज की है कि बड़े दानदाताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ संस्थानों के संबंधों की पारदर्शिता और नैतिकता किस स्तर तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। समर्स का इस्तीफा इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां संस्थान अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
समर्स का करियर और फैसले के मायने
लैरी समर्स अमेरिकी आर्थिक नीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं और उन्होंने वित्त मंत्री के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण आर्थिक भूमिकाएं निभाई हैं। हार्वर्ड में उनकी शैक्षणिक और प्रशासनिक भूमिका भी काफी प्रभावशाली रही है। ऐसे में उनका इस्तीफा केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि शैक्षणिक जगत में नैतिक जवाबदेही की बहस को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह घटनाक्रम भविष्य में विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों द्वारा बाहरी संबंधों और फंडिंग स्रोतों की अधिक सख्ती से समीक्षा की दिशा में संकेत देता है।
आगे की संभावनाएं और बढ़ती बहस
समर्स के इस्तीफे के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि हार्वर्ड और अन्य विश्वविद्यालय एपस्टीन से जुड़े पुराने संबंधों और दान की विस्तृत समीक्षा कर सकते हैं। साथ ही शैक्षणिक जगत में नैतिक मानकों, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई नीतियों पर चर्चा तेज होने की उम्मीद है। यह मामला केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे उन व्यापक सवालों से जोड़कर देखा जा रहा है जो संस्थानों की विश्वसनीयता, सार्वजनिक विश्वास और नैतिक जिम्मेदारी से जुड़े हैं।



