एबीसी नेशनल न्यूज | 6 फरवरी 2026
नई दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने तीन मिनट के संक्षिप्त भाषण में ऐसा तीखा तंज कसा, जिसने संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल तेज कर दी। सीमित समय में उन्होंने सरकार की नीतियों, “नए भारत” के दावों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर सीधे सवाल उठाए।
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में “नए भारत” की तस्वीर दिखाई जाती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे अलग है। उनके मुताबिक, एक ओर नफरत फैलाने वालों को संरक्षण मिलता है, जबकि शांति और इंसाफ की बात करने वालों पर कार्रवाई होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां समाज को जोड़ने के बजाय बांटने का काम कर रही हैं।
अपने भाषण में उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कहीं हिंसा रोकने की कोशिश करने पर लोगों पर केस दर्ज हो जाता है, तो कहीं घर में नमाज़ पढ़ने पर एफआईआर हो जाती है। उन्होंने मध्य प्रदेश में एक मुस्लिम स्कूल के खिलाफ कार्रवाई और असम में बांग्लाभाषी मुसलमानों को लेकर की गई टिप्पणियों का भी ज़िक्र करते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।
भाषण की सबसे चर्चित पंक्ति में इमरान प्रतापगढ़ी ने तीखा राजनीतिक तंज कसते हुए कहा, “इतिहास में नेहरू का नाम आइंस्टीन के साथ लिया जाता है, और आज आपका नाम एप्सटीन के साथ जोड़ा जा रहा है।” इस टिप्पणी को सत्ता पक्ष पर सीधा हमला माना गया, जिस पर सदन के भीतर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और बाहर भी राजनीतिक बहस छिड़ गई।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यह भाषण लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बार-बार रोके जाने के बाद सरकार को दिया गया एक सख्त राजनीतिक संदेश है। विपक्ष का दावा है कि सीमित समय के बावजूद इमरान प्रतापगढ़ी ने उन मुद्दों को उठाया, जिन्हें दबाने की कोशिश की जा रही थी।
वहीं, सत्ता पक्ष के समर्थकों का कहना है कि यह बयान राजनीतिक बयानबाज़ी है और तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। इसके बावजूद विपक्ष इसे सरकार के सामने आईना दिखाने वाला भाषण बता रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शायराना अंदाज़, तीखे तंज और सिर्फ तीन मिनट के समय में दिए गए इस भाषण ने उसे खास बना दिया। संसद में जारी तीखी बहसों के बीच यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का अहम केंद्र बना रह सकता है।




