एबीसी नेशनल न्यूज | 5 फरवरी 2026
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में विपक्ष की भूमिका को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें देश के लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर बोलने का अवसर मिला है और संसद की व्यवस्था को समझना जरूरी है। खड़गे ने कहा कि संसद दो सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—से मिलकर बनती है, जैसा कि संविधान में स्पष्ट रूप से निर्धारित है।
खड़गे ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है, जबकि वे राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विपक्ष की आवाज़ को इस तरह सीमित किया जाएगा, तो देश को प्रभावी ढंग से कैसे चलाया जा सकेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद केवल कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह संवाद, बहस और जवाबदेही का मंच भी है। लोकतंत्र की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि सत्ता और विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिले।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि संसद में संतुलन, संवाद और परंपराओं का सम्मान बना रहे, ताकि जनता का विश्वास लोकतांत्रिक संस्थाओं में मजबूत हो सके।




