एबीसी नेशनल न्यूज | 31 जनवरी 2026
नई दिल्ली। World Health Organization (WHO) ने स्पष्ट किया है कि भारत से निपाह वायरस के फैलने का खतरा कम है और मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसी भी देश को भारत के साथ यात्रा या व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। यह बयान West Bengal के North 24 Parganas जिले में दो मामलों की पुष्टि के बाद जारी किया गया है।
WHO के मुताबिक, दोनों मामले आपस में जुड़े हुए हैं और अब तक सामुदायिक स्तर पर संक्रमण फैलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। संक्रमित दोनों मरीज 25 वर्ष के हैं—एक महिला नर्स और एक पुरुष नर्स—जो बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत थे। दोनों में दिसंबर 2025 के अंत में लक्षण दिखाई दिए थे। National Institute of Virology ने 13 जनवरी 2026 को संक्रमण की पुष्टि की, जिसके बाद भारत ने 26 जनवरी को WHO को इसकी सूचना दी।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीजों के 196 संपर्कों की पहचान कर उनकी जांच की, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। WHO का आकलन है कि पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर जोखिम मध्यम है, क्योंकि इलाके में फ्रूट बैट्स की मौजूदगी है, लेकिन राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर जोखिम कम बना हुआ है।
WHO ने यह भी कहा कि भारत पहले भी निपाह वायरस के मामलों को सफलता के साथ नियंत्रित कर चुका है। इसी अनुभव के आधार पर इस बार भी हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय और National Centre for Disease Control ने निगरानी, संपर्क-अनुसंधान और जन-जागरूकता के प्रयास तेज कर दिए हैं।
निपाह वायरस आमतौर पर फ्रूट बैट्स से फैलता है और संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क से भी संक्रमण हो सकता है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है, लेकिन इसका फैलाव आमतौर पर सीमित रहता है। फिलहाल निपाह के लिए कोई वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है।
WHO और भारतीय स्वास्थ्य एजेंसियां मिलकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता और समय पर जांच ही सबसे प्रभावी बचाव है।




