एबीसी नेशनल न्यूज | 31 जनवरी 2026
नई दिल्ली। देश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री Bhupender Yadav ने बताया कि भारत के रामसर नेटवर्क में दो नए वेटलैंड शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही देश में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 98 हो गई है।
नए शामिल किए गए वेटलैंड में उत्तर प्रदेश के एटा जिले स्थित Patna Bird Sanctuary और गुजरात के कच्छ जिले का Chhari-Dhand शामिल हैं। यह घोषणा विश्व आर्द्रभूमि दिवस (2 फरवरी) से ठीक पहले की गई है।
मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वर्ष 2014 में भारत में केवल 26 रामसर स्थल थे, जो अब बढ़कर 98 हो गए हैं। इस तरह पिछले करीब एक दशक में भारत के रामसर नेटवर्क में 276 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और गुजरात की राज्य सरकारों, संबंधित अधिकारियों और वेटलैंड संरक्षण से जुड़े लोगों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
इस पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पाटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढांड का रामसर सूची में शामिल होना देश की पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और ये वेटलैंड प्रवासी व स्थानीय पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास बने रहेंगे।
रामसर कन्वेंशन के तहत इन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि का दर्जा मिलता है। इससे जैव विविधता का संरक्षण मजबूत होगा, पारिस्थितिकी तंत्र को सहारा मिलेगा और ईको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।




