एबीसी नेशनल न्यूज | 25 जनवरी 2026
आईसीसी ने टी20 वर्ल्ड कप को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। अब टूर्नामेंट के ग्रुप C में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड खेलेगा। यह वर्ल्ड कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की मेजबानी में शुरू होने वाला है। आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने बताया कि बांग्लादेश ने अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि वे भारत में मैच खेलने को लेकर सहज नहीं हैं। लेकिन आईसीसी ने साफ किया कि यह मांग उनकी नीति के मुताबिक नहीं थी। संजोग गुप्ता ने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी पहले से तय है और सभी टीमों को उसी कार्यक्रम के अनुसार खेलना होता है। किसी एक टीम के लिए अलग नियम नहीं बनाए जा सकते।
उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के तहत बांग्लादेश की मांग मानना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में आईसीसी के पास बांग्लादेश को ग्रुप से हटाने और उसकी जगह किसी दूसरी टीम को शामिल करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
इसके बाद स्कॉटलैंड को ग्रुप C में शामिल कर लिया गया। अब स्कॉटलैंड बांग्लादेश की जगह टूर्नामेंट में उतरेगा और बाकी टीमों के साथ मुकाबले खेलेगा। स्कॉटलैंड के लिए यह एक बड़ा मौका माना जा रहा है, क्योंकि उसे अब दुनिया की बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का अवसर मिलेगा।
आईसीसी के इस फैसले से क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे बहुत सख्त फैसला बता रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि यह जरूरी कदम था। उनका मानना है कि अगर हर टीम अपनी सुविधा के हिसाब से मैचों की जगह बदलने लगे, तो किसी भी बड़े टूर्नामेंट का आयोजन करना मुश्किल हो जाएगा।
वहीं बांग्लादेश के प्रशंसक इस फैसले से निराश हैं। उनका कहना है कि उनकी टीम को बिना खेले ही बाहर कर देना ठीक नहीं है। सोशल मीडिया पर भी कई लोग इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। हालांकि आईसीसी का कहना है कि नियम सभी टीमों के लिए बराबर हैं और किसी एक टीम को छूट देना बाकी टीमों के साथ गलत होगा।
टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा। इसमें दुनिया की कई बड़ी टीमें हिस्सा लेंगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि स्कॉटलैंड इस मौके का कितना फायदा उठा पाता है और मैदान पर कैसा प्रदर्शन करता है। आईसीसी का यह फैसला आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बनने वाला है। एक तरफ नियमों की बात है, तो दूसरी तरफ एक मजबूत टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना। अब देखना होगा कि यह फैसला टूर्नामेंट पर क्या असर डालता है और स्कॉटलैंड इस मौके को कैसे भुनाता है।




