सुमन कुमार | नई दिल्ली | 13 जनवरी 2026
देश में 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाले क्विक कॉमर्स मॉडल पर अब सरकारी नजर सख्त होती दिख रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के दखल के बाद Zomato की कंपनी Blinkit ने अपने प्लेटफॉर्म से “10 मिनट डिलीवरी” फीचर हटा दिया है। यह कदम डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा, काम के दबाव और सड़क हादसों के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है। सरकार का साफ मानना है कि इतनी कम समय-सीमा में डिलीवरी करने से डिलीवरी करने वाले लोगों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जो उनकी जान के लिए जोखिम बन सकता है।
डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा पर सरकार की चिंता
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने क्विक कॉमर्स कंपनियों को लेकर चिंता जताई है कि 10 मिनट की डिलीवरी की होड़ में डिलीवरी बॉय/पार्टनर्स तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और लंबे काम के घंटों का सामना कर रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि तकनीक और सुविधा के नाम पर इंसान की जान से समझौता नहीं किया जा सकता। इसी के चलते Blinkit से यह फीचर हटाने को कहा गया, जिस पर कंपनी ने सहमति जताई।
Zomato, Swiggy और Zepto से भी चल रही बातचीत
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, श्रम मंत्रालय सिर्फ Blinkit तक सीमित नहीं है। Zomato, Swiggy और Zepto जैसी दूसरी बड़ी कंपनियों से भी बातचीत चल रही है। सरकार चाहती है कि डिलीवरी का समय ऐसा तय हो, जिससे ग्राहक को सुविधा मिले, लेकिन डिलीवरी करने वाले आदमी की सुरक्षा और सेहत भी बनी रहे। मंत्रालय यह भी देख रहा है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वालों को उचित बीमा, आराम का समय और सुरक्षित कामकाजी माहौल मिले या नहीं।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
अगर यह नीति सभी प्लेटफॉर्म्स पर लागू होती है, तो आने वाले दिनों में “10 मिनट में डिलीवरी” जैसे दावे शायद देखने को न मिलें। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सामान बहुत देर से आएगा, बल्कि डिलीवरी का समय थोड़ा व्यावहारिक और सुरक्षित बनाया जाएगा। सरकार का जोर इस बात पर है कि तेज डिलीवरी के चक्कर में किसी आदमी की जान जोखिम में न पड़े।
इंसान पहले, सुविधा बाद में
सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि सुविधा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, इंसान की सुरक्षा उससे ऊपर है। क्विक कॉमर्स ने लोगों की जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन अब समय है कि इस मॉडल को मानवीय और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि सड़क पर दौड़ता हुआ हर डिलीवरी करने वाला आदमी भी सुरक्षित अपने घर लौट सके।




