अवधेश कुमार | नई दिल्ली | 12 जनवरी 2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि इस बार बजट रविवार के दिन ही पेश किया जाएगा, जो एक ऐतिहासिक मौका है क्योंकि आम तौर पर बजट कार्यदिवसों में पेश होता है। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें सबसे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु संसद को संबोधित करेंगी और उसके बाद आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने की संभावना है। निर्मला सीतारमण का यह नौवां बजट प्रस्तुति होगा, जो उन्हें पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के बेहद करीब ले जाता है, जिन्होंने कुल 10 बजट पेश किए थे। बजट सुबह लगभग 11 बजे पेश होने की उम्मीद है, जिसमें देश की आमदनी-खर्च, योजनाएं और नए आर्थिक फैसलों की रूपरेखा सरकार सामने रखेगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी, और यह दिन रविवार है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को इसकी घोषणा कर दी है, जिससे यह तय हो गया है कि बजट रविवार को ही पेश होगा। इस बार का बजट सीतारमण का नौवां बजट होगा, जो उन्हें भारत के सबसे अनुभवी वित्त मंत्रियों की सूची में मजबूती से खड़ा करता है।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा और यह 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र का पहला हिस्सा राष्ट्रपति के अभिभाषण, आर्थिक सर्वेक्षण और बजट प्रस्तुति से भरा होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सत्र के शुरुआती दिन संयुक्त बैठक को संबोधित करती दिखेंगी। उसके बाद वित्त मंत्री आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर सकती हैं, और 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी।
यह बजट सत्र दो चरणों में विभाजित रहेगा — पहला 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक। बीच में सत्र स्थगित रहेगा ताकि संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहराई से समीक्षा कर सकें। इस बजट में सरकार अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं, राजकोषीय योजनाओं, विकास परियोजनाओं, कर नीतियों और आर्थिक सुधारों को साझा करेगी, जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, बाजार और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ेगा।
निर्मला सीतारमण अगर यह बजट पेश करती हैं तो वह लगातार नौवां बजट पेश करेंगी, जिससे वह मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड (10 बजट) के बहुत पास पहुंच जाएंगी। इस बार बजट रविवार को पेश होने के कारण यह एक नई घटना मानी जा रही है, और सभी की नजरें इस बजट के प्रस्तावों पर टिकी हैं।




