अंतरराष्ट्रीय डेस्क 9 जनवरी 2026
पीयूष गोयल ने यूरोपीय आयोग के आयुक्त मारोश शेफचोविच से की अहम बैठक
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को नई गति देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के ट्रेड और इकनॉमिक सिक्योरिटी कमिश्नर मारोश शेफचोविच के साथ उच्चस्तरीय बातचीत की। इस बैठक को भारत–EU संबंधों के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुलाकात में भारत–EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA), सप्लाई चेन की मजबूती, निवेश, डिजिटल ट्रेड, ग्रीन टेक्नोलॉजी और वैश्विक आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
पीयूष गोयल ने बैठक के दौरान कहा कि भारत और यूरोपीय संघ एक-दूसरे के भरोसेमंद और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदार हैं। उन्होंने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और “मेक इन इंडिया” पहल का ज़िक्र करते हुए यूरोपीय कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय बाज़ार तक आसान पहुंच की भी वकालत की।
यूरोपीय संघ के आयुक्त मारोश शेफचोविच ने भी भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि EU भारत को रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदार मानता है और दोनों पक्षों को व्यापार, तकनीक और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक ऐसे समय पर हुई है, जब वैश्विक स्तर पर भूराजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में बाधाएं और व्यापारिक संरक्षणवाद बढ़ रहा है। ऐसे में भारत–EU सहयोग न सिर्फ दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि वैश्विक व्यापार संतुलन के लिए भी अहम साबित हो सकता है। ब्रुसेल्स में हुई यह उच्चस्तरीय वार्ता इस बात का संकेत है कि भारत और यूरोपीय संघ आने वाले समय में व्यापार और आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं।




