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अंबरनाथ में सत्ता का नया खेल : शिवसेना आउट, बीजेपी-कांग्रेस इन

एबीसी डेस्क 7 जनवरी 2026

महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस ने आपसी विरोध भुलाकर सत्ता पर नियंत्रण के लिए हाथ मिला लिया है। यह गठजोड़ खास तौर पर बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए किया गया बताया जा रहा है।

राजदीप सरदेसाई के मुताबिक, यह शायद देश के किसी भी हिस्से में पहली बार है जब बीजेपी और कांग्रेस किसी नगर निकाय में खुलकर साथ आई हैं। उन्होंने इसे महाराष्ट्र की राजनीति का नया संकेत बताते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में कुछ भी हो सकता है। उनके शब्दों में, “लोकल बॉडी पोल्स में कुछ भी हो सकता है”, और अंबरनाथ इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आया है।

सोशल मीडिया पर सामने आए दस्तावेज़ के अनुसार, अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी (अजित पवार गुट) के पार्षदों ने मिलकर विकास अघाड़ी बनाने का दावा किया है। इस गठबंधन में कुल पार्षदों की संख्या बहुमत के आंकड़े को पार करती बताई जा रही है, जिससे नगर परिषद की सत्ता पर नियंत्रण संभव हुआ है।

इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां एक तरफ राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे के कट्टर विरोधी हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर सत्ता की गणित ने विचारधाराओं की दीवारें तोड़ दी हैं। विपक्ष इसे अवसरवाद की राजनीति बता रहा है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह “स्थानीय विकास” के नाम पर किया गया समझौता है।

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अंबरनाथ नगर परिषद की यह तस्वीर यह साफ दिखाती है कि महाराष्ट्र में सियासत का खेल अब पारंपरिक गठबंधनों तक सीमित नहीं रहा, और आने वाले नगर निकाय चुनावों में ऐसे और चौंकाने वाले समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

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