अवधेश कुमार | नई दिल्ली 7 जनवरी 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौर में लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि जब अमेरिका भारत पर दबाव बनाता है और टैरिफ बढ़ाने की बात करता है, तो भारत को मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में भारत अंतरराष्ट्रीय दबावों के आगे झुकता नहीं था। राहुल गांधी ने अपने बयान में व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा— “फर्क समझिए सरजी”। उनका इशारा इस बात की ओर था कि पहले की सरकारें देश के हितों को लेकर ज्यादा सख्त और आत्मविश्वास से भरी होती थीं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के समय भारत ने बड़े देशों के सामने भी अपने फैसले खुद लिए और किसी दबाव में नहीं आया।
कांग्रेस नेता का कहना है कि ट्रंप के राष्ट्रपति रहते भारत पर व्यापार को लेकर कई बार दबाव बनाया गया, लेकिन मौजूदा सरकार उस दबाव के सामने मजबूती से खड़ी नहीं दिखी। राहुल गांधी के मुताबिक, जब टैरिफ जैसे मुद्दों पर देश के व्यापार और किसानों पर असर पड़ता है, तब सरकार को साफ और मजबूत रुख अपनाना चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी संकेत दिया कि नेतृत्व का असली मतलब मुश्किल समय में देश के हितों के लिए डटकर खड़ा होना होता है, न कि सिर्फ रिश्तों और तस्वीरों तक सीमित रहना। उनके इस बयान को कांग्रेस ने मजबूत नेतृत्व की कमी को उजागर करने की कोशिश के तौर पर पेश किया है।
राहुल गांधी का यह हमला सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है, वह इसे नेतृत्व की तुलना के रूप में सामने रख रहे हैं—जहां एक तरफ इंदिरा गांधी का सख्त और आत्मनिर्भर भारत है, और दूसरी तरफ मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।




