[the_ad id="179"]
Home » National » “कितनी मस्जिदें गिराओगे?” अतिक्रमण विरोधी अभियान पर भड़के इमरान मसूद, सरकार को बताया कमजोर

“कितनी मस्जिदें गिराओगे?” अतिक्रमण विरोधी अभियान पर भड़के इमरान मसूद, सरकार को बताया कमजोर

सुमन कुमार | नई दिल्ली 7 जनवरी 2026

दिल्ली में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने इस अभियान पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तीखे शब्दों में सवाल किया—“आख़िर कितनी मस्जिदें गिराओगे?” इमरान मसूद का कहना है कि सरकार विकास के नाम पर एकतरफा कार्रवाई कर रही है और खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। इमरान मसूद ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से मस्जिदों और धार्मिक स्थलों के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, उससे समाज में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर अतिक्रमण हटाना ही है तो यह कार्रवाई सबके लिए समान होनी चाहिए, न कि चुनिंदा जगहों और प्रतीकों पर।

कांग्रेस नेता ने सरकार को “कमजोर” बताते हुए कहा कि मजबूत सरकारें संवाद से समाधान निकालती हैं, बुलडोज़र से नहीं। उनके मुताबिक, जब सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं—महंगाई, बेरोज़गारी और कानून-व्यवस्था—पर जवाब नहीं दे पाती, तब वह ऐसे अभियानों का सहारा लेती है। इमरान मसूद ने दिल्ली के पुराने इलाकों जैसे तुर्कमान गेट का ज़िक्र करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जबरन की गई कार्रवाइयों ने हमेशा समाज को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस और प्रशासन से भी अपील की कि किसी भी कार्रवाई से पहले संवेदनशीलता और कानून के दायरे का पूरा ध्यान रखा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों को लेकर टकराव की राजनीति देश के हित में नहीं है। “भारत की ताकत उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है,” उन्होंने कहा, “इसे कमजोर करने की कोशिशें बंद होनी चाहिए।” कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि अगर इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहीं तो वह सड़कों से लेकर संसद तक इसका विरोध करेगी। पार्टी का कहना है कि कानून का राज तभी माना जाएगा, जब इंसाफ सबके लिए बराबर होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *