एबीसी डेस्क 5 जनवरी 2026
फॉग लाइट: कोहरे में आंखों की सबसे बड़ी मदद
सर्दियों के मौसम में कोहरा सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आता है। घना कोहरा न सिर्फ आगे देखने की क्षमता कम कर देता है, बल्कि सामने से आ रही गाड़ी, अचानक मोड़, ब्रेक या पैदल चल रहे आदमी को पहचानना भी मुश्किल हो जाता है। हर साल कोहरे के कारण सड़कों पर हजारों एक्सीडेंट होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवाते हैं। ऐसे में सिर्फ सावधानी से गाड़ी चलाना ही नहीं, बल्कि कार में जरूरी सेफ्टी टूल्स होना भी बेहद जरूरी हो जाता है। कोहरे में आम हेडलाइट कई बार उल्टा असर करती है, क्योंकि उसकी तेज रोशनी कोहरा लौटाकर आंखों में मारती है। ऐसे में फॉग लाइट बहुत काम आती है। फॉग लाइट नीचे की ओर और चौड़ी रोशनी देती है, जिससे सड़क और किनारे साफ दिखाई देते हैं। अगर आपकी कार में फॉग लाइट नहीं है, तो इसे जरूर लगवाएं। यह छोटा सा इंतजाम बड़े हादसे से बचा सकता है।
रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल और सेफ्टी जैकेट: इमरजेंसी में जान बचाने वाले साथी
अगर कोहरे में गाड़ी खराब हो जाए या अचानक रुकना पड़े, तो पीछे से आने वाली गाड़ियों को समय पर संकेत देना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल बहुत काम आता है। इसे गाड़ी से कुछ दूरी पर रखने से पीछे आने वाले ड्राइवर को पहले ही चेतावनी मिल जाती है। साथ ही, कार में रिफ्लेक्टिव सेफ्टी जैकेट होना भी जरूरी है, ताकि अगर आपको बाहर निकलना पड़े तो आप साफ नजर आएं और एक्सीडेंट से बच सकें।
डैशकैम और रियर कैमरा: कम दिखे में ज्यादा सुरक्षा
कोहरे में आगे-पीछे की स्थिति समझना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में डैशकैम और रियर कैमरा ड्राइवर के लिए बड़ी मदद साबित होते हैं। ये न सिर्फ पीछे की गाड़ियों की स्थिति बताते हैं, बल्कि किसी हादसे की स्थिति में सबूत के तौर पर भी काम आते हैं। आजकल सस्ते और अच्छे क्वालिटी के कैमरे आसानी से उपलब्ध हैं, जो हर कार में होना चाहिए।
फर्स्ट एड किट और टॉर्च: हर सफर की बुनियादी जरूरत
कोहरे में छोटे हादसे भी बड़ी परेशानी बन सकते हैं। ऐसे में कार में फर्स्ट एड किट होना बेहद जरूरी है, जिसमें पट्टी, एंटीसेप्टिक, दर्द की दवा और जरूरी मेडिकल सामान हो। इसके साथ एक अच्छी टॉर्च या इमरजेंसी लाइट भी रखें, ताकि अंधेरे और कोहरे में जरूरत पड़ने पर मदद मिल सके।
टायर, वाइपर और डी-फॉगर: गाड़ी की हालत भी है उतनी ही जरूरी
सिर्फ टूल्स ही नहीं, गाड़ी की हालत भी कोहरे में बेहद मायने रखती है। टायरों की ग्रिप सही हो, ब्रेक ठीक से काम कर रहे हों, वाइपर और डी-फॉगर सही हालत में हों, यह जरूर जांच लें। सामने का शीशा साफ रहेगा तभी ड्राइवर सही फैसला ले पाएगा।
सुरक्षा ही असली मंज़िल है
कोहरे में सफर करते समय जल्दबाज़ी सबसे बड़ा दुश्मन होती है। जरूरी सेफ्टी टूल्स, सही तैयारी और थोड़ा धैर्य—यही आपको और आपके परिवार को सुरक्षित घर पहुंचा सकता है। याद रखें, गाड़ी देर से पहुंचे तो चलेगा, लेकिन सुरक्षित पहुंचे—यही सबसे जरूरी है।




