अवधेश कुमार | नई दिल्ली | 5 जनवरी 2026
रेल से सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए रेलवे ने टिकट बुकिंग के नियमों में अहम बदलाव कर दिया है। अब अगर किसी यात्री का IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, तो वह सुबह 8 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक नहीं कर पाएगा। यह नियम खासतौर पर उस समय के लिए लागू किया गया है, जब टिकट खुलते ही चंद मिनटों में सीटें खत्म हो जाती थीं। रेलवे का कहना है कि इस फैसले का सीधा मकसद आम आदमी को टिकट दिलाना और दलालों की मनमानी पर रोक लगाना है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, टिकट खुलने के पहले दिन और खासकर सुबह के समय सबसे ज़्यादा गड़बड़ियां सामने आती थीं। कई बार शिकायतें मिलती थीं कि बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही सेकेंड में सारी सीटें फुल हो जाती हैं। इसकी वजह बॉट्स, फर्जी आईडी और एक व्यक्ति द्वारा कई अकाउंट से टिकट बुकिंग बताई जाती रही है।
इन्हीं शिकायतों को देखते हुए रेलवे ने तय किया है कि सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक सिर्फ आधार-लिंक्ड अकाउंट से ही टिकट बुकिंग की अनुमति होगी, ताकि असली यात्री को प्राथमिकता मिल सके। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बदलाव आज से लागू हो गया है, लेकिन 12 जनवरी से नियम और सख्त हो जाएंगे।
12 जनवरी के बाद ऑनलाइन टिकट बुकिंग के समय में भी बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत, ऑनलाइन टिकट बुकिंग का बड़ा हिस्सा रात के समय किया जाएगा, जिससे सिस्टम पर दबाव कम पड़े और सर्वर क्रैश जैसी समस्याएं न हों। रेलवे को उम्मीद है कि इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया ज्यादा सुचारू और भरोसेमंद बनेगी।
रेलवे का मानना है कि आधार लिंकिंग से फर्जी अकाउंट, दलालों के नेटवर्क और ऑटोमैटिक टिकट बुकिंग सिस्टम पर काफी हद तक लगाम लगेगी। अब तक कई यात्रियों का अनुभव रहा है कि वे पूरी तैयारी के साथ बैठते हैं, लेकिन टिकट खुलते ही “नो सीट अवेलेबल” का मैसेज दिखने लगता है। नए नियम के बाद उम्मीद की जा रही है कि ईमानदारी से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
हालांकि, इस फैसले से उन यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, जिन्होंने अब तक अपना IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं कराया है। रेलवे ने ऐसे यात्रियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि टिकट बुकिंग के समय किसी तरह की परेशानी न हो और आखिरी वक्त में तनाव से बचा जा सके।
कुल मिलाकर रेलवे का यह कदम आम यात्रियों के हित में माना जा रहा है। अगर यह व्यवस्था सही ढंग से लागू होती है, तो आने वाले दिनों में टिकट बुकिंग ज्यादा पारदर्शी, आसान और भरोसेमंद बन सकती है। साथ ही, यह भी साफ हो जाएगा कि यह नया नियम वास्तव में आम आदमी को कितनी राहत देता है और दलालों पर कितना असर डालता है।




