एबीसी डेस्क | 29 दिसंबर 2025
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देहरादून में त्रिपुरा के छात्र अंजेल चकमा की हत्या को “भयानक हेट क्राइम” बताते हुए कहा है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि देश की आत्मा पर चोट है। उन्होंने कहा कि नफ़रत एक रात में पैदा नहीं होती—इसे सालों तक समाज में ज़हर की तरह फैलाया जाता है, खासकर युवाओं के बीच। भारत डर और हिंसा से नहीं, बल्कि सम्मान, प्रेम और विविधता से बना है; ऐसे में हमें मूक दर्शक नहीं बने रहना चाहिए। राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया के बीच, देहरादून की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र अंजेल चकमा की मौत ने नस्लभेदी नफ़रत की भयावह सच्चाई सामने रख दी। अंजेल के आख़िरी शब्द—“हम भारतीय हैं…”—आज एक सवाल बनकर देश के सामने खड़े हैं।
घटना का पूरा विवरण:
यह घटना 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई इलाके में हुई। अंजेल अपने छोटे भाई माइकल के साथ रोज़मर्रा की खरीदारी के लिए निकले थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें नस्लभेदी और अपमानजनक शब्द कहे। अंजेल ने शांतिपूर्वक विरोध किया और कहा—“हम चीनी नहीं हैं, हम भारतीय हैं।” इसी बात पर हालात बिगड़ गए और हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया। अंजेल गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि माइकल भी चोटिल हुए।
अंजेल 14 दिन तक अस्पताल में ज़िंदगी और मौत से जूझते रहे, लेकिन अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद त्रिपुरा और पूरे उत्तर-पूर्व में ग़ुस्सा और शोक फैल गया। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और राष्ट्रीय स्तर पर एंटी-रेसिज़्म कानून की मांग तेज़ हो गई।
पुलिस कार्रवाई:
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी फरार है और उसके नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और संदेश:
राहुल गांधी ने कहा कि हमें यह सोचने की ज़रूरत है कि हम अपने देश को क्या बनते देख रहे हैं। उन्होंने अंजेल चकमा के परिवार, त्रिपुरा और उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि भारत को आप पर गर्व है।
अंजेल चकमा की मौत केवल एक युवक की मौत नहीं—यह चेतावनी है। अगर नफ़रत को समय रहते नहीं रोका गया, तो वह इंसानियत के साथ-साथ देश की आत्मा को भी घायल करती रहेगी।




