महेंद्र कुमार | नई दिल्ली 27 दिसंबर 2025
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कह है कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं थी। यह काम के अधिकार पर आधारित एक विचार था। उन्होंने कहा कि मनरेगा से देश में करोड़ों लोगों को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित होती थी। मनरेगा पंचायती राज में सीधा राजनीतिक हिस्सेदारी और फाइनेंस सपोर्ट का साधन था। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार अधिकारों के विचार और संघीय ढांचे पर हमला कर रही है। मोदी सरकार राज्यों से पैसा छीन रही है। यह सत्ता का केन्द्रीकरण और फाइनेंस का केन्द्रीकरण है। इससे देश और गरीब जनता को नुकसान है।
यह फैसला सीधे प्रधानमंत्री दफ्तर से लिया गया है और मंत्री, कैबिनेट से बिना पूछे यह फैसला लिया गया है। इससे पता चलता है कि देश में वन मैन शो चल रहा है। जो भी नरेंद्र मोदी करना चाहते हैं, वो करते हैं, जिसका फायदा चंद पूंजीपतियों को होता है। आप देखना नरेंद्र मोदी ने जो फैसला लिया है, वह तबाह हो जाएगा।
CWC की बैठक में कांग्रेस नेताओं ने यह शपथ ली कि मनरेगा योजना को प्रमुख बिंदु बनाकर देश में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस शपथ में पांच बिन्दुओं पर बात रखी गई। जो इस प्रकार रहा : —–
हम शपथ लेते हैं कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी अग्रणी भूमिका लेते हुए 5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी
1. हम महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की हर हाल में रक्षा करेंगे
2. मनरेगा कोई योजना नहीं, भारत के संविधान से मिला काम का अधिकार है
हम संकल्प लेते हैं कि
3. ग्रामीण मज़दूर के सम्मान, रोज़गार, मज़दूरी और समय पर भुगतान के अधिकार के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और मांग-आधारित रोज़गार और ग्राम सभा के अधिकार की रक्षा करेंगे
हम यह भी शपथ लेते हैं कि
4. मनरेगा से गांधी जी का नाम मिटाने और मज़दूर के अधिकार को ख़ैरात में बदलने की हर साज़िश का लोकतांत्रिक विरोध करेंगे
संविधान और लोकतंत्र पर भरोसा रखते हुए
5. हम मनरेगा बचाने, मज़दूर के अधिकार बचाने और गांव-गांव तक अपनी आवाज़ बुलंद करने का संकल्प लेते हैं। जय संविधान, जय हिन्द।




