महेंद्र कुमार | नई दिल्ली 26 दिसंबर 2025
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा और दुश्मनाना घटनाओं पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं न सिर्फ परेशान करने वाली हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय भी हैं। भारत ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश सरकार इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाएगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 26 दिसंबर की प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत बांग्लादेश की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, उनके धार्मिक स्थलों की रक्षा और उन्हें भयमुक्त माहौल देना किसी भी लोकतांत्रिक देश की बुनियादी जिम्मेदारी है। भारत का मानना है कि बार-बार हो रही हिंसक घटनाएं समाज में असुरक्षा और डर का माहौल पैदा करती हैं, जिसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय आधार पर मजबूत रहे हैं। ऐसे में भारत यह अपेक्षा करता है कि बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू, बौद्ध, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और सम्मान की पूरी तरह रक्षा की जाए। भारत ने दोहराया कि किसी भी समाज की स्थिरता और प्रगति तभी संभव है, जब वहां हर आदमी—बिना किसी डर या भेदभाव के—सम्मान के साथ जी सके।
भारत ने इस मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा सिर्फ कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं है, बल्कि यह इंसानियत और मूल अधिकारों से जुड़ा विषय है। नई दिल्ली ने आशा जताई कि बांग्लादेश सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और अल्पसंख्यक समुदायों में भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। भारत का यह रुख साफ संकेत देता है कि वह क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सह-अस्तित्व को लेकर गंभीर है और मानवीय मूल्यों के साथ खड़ा है।




