अखलाक अहमद | जयपुर 26 दिसंबर 2025
NSUI का ‘अरावली बचाओ मार्च’
अरावली की पहाड़ियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने एक भावनात्मक और चेतावनी भरा संदेश देते हुए कहा कि “अगर अरावली के पहाड़ खत्म हो गए, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अरावली सिर्फ पत्थरों और पहाड़ियों का समूह नहीं, यह हमारी जीवन रेखा है—जल, पर्यावरण और संतुलित जलवायु की बुनियाद, और साथ ही हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक। इसी चिंता और प्रतिरोध को आवाज़ देने के लिए जयपुर में NSUI राजस्थान ने ‘अरावली बचाओ मार्च’ निकाला।
इस पैदल मार्च में सचिन पायलट के साथ NSUI राजस्थान के अध्यक्ष विनोद जाखड़, कांग्रेस के कई नेता, छात्र और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। मार्च के दौरान युवाओं ने तख्तियां उठाकर और नारे लगाकर साफ संदेश दिया कि अरावली के विनाश को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सचिन पायलट ने केंद्र की मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार विकास के नाम पर अरावली को तबाह करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हक़ की लड़ाई है। अगर आज चुप रहे, तो कल हमारे बच्चों के हिस्से में न पानी बचेगा, न साफ हवा, न सुरक्षित पर्यावरण।
मार्च के दौरान मौजूद युवाओं और कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, अरावली को मरने नहीं दिया जाएगा। यह आंदोलन सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि प्रकृति और भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी का ऐलान है। नारे गूंजते रहे—“अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ”—और यह संदेश साफ था कि जनदबाव के आगे किसी भी तानाशाही सोच को झुकना ही पड़ेगा।




