संजीव कुमार | नई दिल्ली 26 दिसंबर 2025
समस्तीपुर (बिहार) के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और साहसिक खेल से न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़े हैं, पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा किया है। वीर बाल दिवस के अवसर पर उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मिला—एक ऐसा पल जिसने वैभव के सपनों को नई उड़ान दे दी।
बाएँ हाथ के इस विस्फोटक बल्लेबाज़ ने बेहद कम उम्र में वह कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े खिलाड़ी सपने में सोचते हैं। महज 13 साल की उम्र में आईपीएल के सबसे कम उम्र के साइन किए गए खिलाड़ी बनने से लेकर यूथ वनडे में सबसे तेज़ शतक जड़ने तक, वैभव का सफर असाधारण रहा है। पुरस्कार समारोह से ठीक दो दिन पहले उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 84 गेंदों पर नाबाद 190 रन ठोककर बिहार को लिस्ट-ए का रिकॉर्ड 574/6 तक पहुँचाया और सबसे कम उम्र के लिस्ट-ए शतकवीर बने।
सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए वैभव ने आगे के मैच छोड़े—क्योंकि उनके लिए यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि देश के भरोसे और जिम्मेदारी की मुहर थी। अब उनकी निगाहें अंडर-19 वर्ल्ड कप पर टिकी हैं, जहाँ वे भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की तैयारी में जुटे हैं।
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव सहित सभी 20 युवा प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चे देश की आशाओं और संभावनाओं का प्रतीक हैं। वहीं बीसीसीआई ने भी वैभव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एक छोटे शहर से निकलकर बड़े सपनों तक पहुँचा यह लड़का आज हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत पर भरोसा करता है। वैभव सूर्यवंशी की कहानी बताती है—उम्र नहीं, जज़्बा रिकॉर्ड बनाता है।




