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तमिलनाडु की राजनीति में हलचल: पीयूष गोयल–पलानीस्वामी की मुलाकात, डीएमके पर वार

एबीसी डेस्क 23 दिसंबर 2025

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल ने चेन्नई में एआईएडीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी से मुलाकात कर आगामी चुनावों को लेकर सीट शेयरिंग और गठबंधन रणनीति पर विस्तृत बातचीत की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति, विपक्षी एकजुटता और चुनावी तालमेल को लेकर गहन मंथन किया।

बैठक के बाद पीयूष गोयल ने सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है और आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। गोयल ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, नशाखोरी, बेरोजगारी और प्रशासनिक विफलता जैसे मुद्दे लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन डीएमके सरकार इन गंभीर समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक और विभाजनकारी राजनीति कर रही है। उनके मुताबिक, जनता अब सरकार के वादों और दावों से ऊब चुकी है और बदलाव चाहती है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि बीजेपी और एआईएडीएमके का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि तमिलनाडु के विकास, रोजगार और सुशासन को प्राथमिकता देना है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, बंदरगाह और उद्योगों के क्षेत्र में अभूतपूर्व सहयोग दिया है, लेकिन राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को सही तरीके से ज़मीन पर उतारने में नाकाम रही है। गोयल ने कहा कि डीएमके सरकार हर मुद्दे पर केंद्र से टकराव की राजनीति करती है, जबकि उसका खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, पलानीस्वामी और पीयूष गोयल की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि किस तरह दोनों दल जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बना सकते हैं और डीएमके के खिलाफ संयुक्त रूप से मजबूत मुकाबला खड़ा कर सकते हैं। एआईएडीएमके की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत रखते हुए नए सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाना चाहती है, जबकि बीजेपी राज्य में अपनी संगठनात्मक ताकत और राष्ट्रीय मुद्दों के सहारे गठबंधन को मजबूती देने पर जोर दे रही है।

यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि तमिलनाडु में आने वाले चुनावों से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। एक तरफ बीजेपी और एआईएडीएमके मिलकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर डीएमके सरकार पर लगातार हमले तेज हो रहे हैं। आने वाले दिनों में सीट शेयरिंग को लेकर औपचारिक ऐलान और राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की राजनीति और ज्यादा गर्मा सकती है।

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