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कर्नाटक : फॉक्सकॉन की नई iPhone फैक्ट्री ने बदली तस्वीर, 8 महीनों में 30 हजार युवाओं को मिला रोजगार

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एबीसी डेस्क 22 दिसंबर 2025

भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अब सिर्फ दावों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ज़मीन पर बड़ी मिसालें गढ़ रहा है। इसका ताज़ा उदाहरण कर्नाटक के देवनहल्ली में बनी फॉक्सकॉन की नई iPhone फैक्ट्री है, जिसने महज 8–9 महीनों में करीब 30,000 लोगों को नौकरी देकर इतिहास रच दिया है। इतनी तेज़ भर्ती भारत में किसी एक फैक्ट्री में पहले कभी नहीं देखी गई।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस iPhone असेंबली यूनिट ने अप्रैल–मई 2025 में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू किया था। शुरुआत में यहां iPhone 16 के मॉडल्स की टेस्टिंग हुई और अब लेटेस्ट iPhone 17 Pro Max का निर्माण भी शुरू हो चुका है। करीब 300 एकड़ में फैली इस फैक्ट्री में फिलहाल 4 असेंबली लाइन्स चल रही हैं, जिन्हें जल्द बढ़ाकर 12 किया जाएगा।

इस फैक्ट्री की सबसे खास बात इसकी वर्कफोर्स प्रोफाइल है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों में लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। ज़्यादातर युवा 19 से 24 साल की उम्र के हैं और यह उनकी पहली फॉर्मल नौकरी है। कई कर्मचारी पड़ोसी राज्यों से काम की तलाश में यहां पहुंचे हैं। फॉक्सकॉन उन्हें मुफ्त रहने की सुविधा, सब्सिडी वाला खाना और औसतन 18,000 रुपये महीने की सैलरी दे रही है। साथ ही, हर नए कर्मचारी को 6 हफ्ते की ऑन-जॉब ट्रेनिंग भी दी जाती है।

इस प्रोजेक्ट में फॉक्सकॉन करीब 20,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। जब फैक्ट्री पूरी क्षमता पर पहुंचेगी, तो यहां 50,000 तक लोग काम कर सकेंगे। यह यूनिट तमिलनाडु की फॉक्सकॉन फैक्ट्री से भी बड़ी होगी, जहां फिलहाल करीब 41,000 कर्मचारी हैं। यहां बनने वाले iPhone का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा एक्सपोर्ट किया जा रहा है, जो साफ दिखाता है कि ऐप्पल अब चीन के बाहर अपनी सप्लाई चेन को तेजी से मजबूत कर रहा है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह फैक्ट्री मोदी सरकार के उस लक्ष्य की बड़ी सफलता है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी GDP में बढ़ाने की बात कही गई है। देवनहल्ली की यह यूनिट धीरे-धीरे एक मिनी टाउनशिप का रूप ले रही है, जहां डॉर्मिट्री, हेल्थकेयर, स्कूल और मनोरंजन की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

यह सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, हजारों युवाओं और महिलाओं की ज़िंदगी में आए बदलाव की दास्तान है। फॉक्सकॉन की यह फैक्ट्री दिखाती है कि भारत अब सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि दुनिया का भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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