एबीसी डेस्क 21 दिसंबर 2025
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित अपनी ‘जनसंसद’ के दौरान इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) के छात्रों से मुलाकात की। इस मुलाकात में छात्रों ने खुलकर अपने संस्थान से जुड़ी चिंताएं और अनुभव साझा किए।
छात्रों ने बताया कि ISI कोई सामान्य संस्थान नहीं, देश का प्रतिष्ठित और उच्चस्तरीय शिक्षण व शोध संस्थान है। इसके बावजूद, उनका कहना है कि वहां धीरे-धीरे संस्थागत स्तर पर RSS का दख़ल बढ़ता जा रहा है। छात्रों के अनुसार, संस्थान में ब्यूरोक्रेटिक और वैचारिक हस्तक्षेप थोपा जा रहा है।
छात्रों ने यह भी चिंता जताई कि अब बात सिर्फ़ प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि सिलेबस और रिसर्च के विषयों पर भी वैचारिक दबाव महसूस किया जा रहा है। उनका कहना है कि शिक्षा और शोध को एक खास विचारधारा के हिसाब से ढालने की कोशिश की जा रही है, जो किसी भी स्वतंत्र शिक्षण संस्थान के लिए सही नहीं है।
छात्रों की बात ध्यान से सुनने के बाद राहुल गांधी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि देश के शिक्षण संस्थान किसी विचारधारा से नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान और तर्क से चलने चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की आत्मा उनकी स्वतंत्रता और अकादमिक आज़ादी में होती है, और उसे कमजोर होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को वह गंभीरता से उठाएंगे और छात्रों के साथ खड़े रहेंगे।
इस मुलाकात के बाद शिक्षा जगत में संस्थानों की स्वायत्तता और वैचारिक स्वतंत्रता को लेकर बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है।




