अंतरराष्ट्रीय डेस्क 21 दिसंबर 2025
अमेरिका से एक हैरान करने वाली और सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर अमेरिकी न्याय मंत्रालय (DOJ) की वेबसाइट पर अचानक हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि एपस्टीन से संबंधित 16 अहम फाइलें DOJ की वेबसाइट से गायब हो गई हैं, जबकि इन्हें एक दिन पहले ही सार्वजनिक किया गया था। इन फाइलों में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर भी शामिल थी, जो अब वेबसाइट पर नजर नहीं आ रही है।
जैसे ही यह बात सामने आई, सोशल मीडिया से लेकर अमेरिकी मीडिया तक सवालों की बाढ़ आ गई। लोग पूछ रहे हैं—अगर दस्तावेज सार्वजनिक किए गए थे, तो फिर अचानक उन्हें हटाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह तकनीकी गलती है या फिर किसी दबाव में लिया गया फैसला?
इन दस्तावेजों में एपस्टीन के नेटवर्क, उसके संपर्कों और प्रभावशाली लोगों से कथित रिश्तों से जुड़ी जानकारियां होने की बात कही जा रही थी। यही वजह है कि इन फाइलों का सार्वजनिक होना पहले ही अमेरिका की राजनीति और सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर चुका था। लेकिन अब उनका यूं अचानक गायब हो जाना, संदेह को और गहरा कर रहा है।
खास तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर हटाए जाने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आलोचकों का कहना है कि यह सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं हो सकता। कई लोग इसे राजनीतिक प्रभाव और सत्ता के दखल से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं कुछ का तर्क है कि DOJ ने शायद किसी कानूनी या प्रक्रियागत वजह से फाइलें हटाई हों—लेकिन इस पर अब तक कोई साफ और आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जेफ्री एपस्टीन का नाम पहले ही अमेरिका के सबसे बड़े और शर्मनाक सेक्स स्कैंडलों में शामिल रहा है। उसकी मौत के बाद भी उससे जुड़े दस्तावेज, गवाहियां और संपर्कों की सूची लगातार विवादों में रही है। आम लोगों को उम्मीद थी कि इन फाइलों के सार्वजनिक होने से सच सामने आएगा और ताकतवर लोगों की जवाबदेही तय होगी। लेकिन फाइलों का इस तरह गायब हो जाना, न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
फिलहाल अमेरिकी न्याय मंत्रालय की चुप्पी इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना रही है। क्या ये फाइलें दोबारा अपलोड होंगी? क्या हटाने की कोई ठोस वजह बताई जाएगी? या फिर यह मामला भी एपस्टीन से जुड़े बाकी सवालों की तरह अधर में लटक जाएगा?
एक बात साफ है—एपस्टीन की परछाईं अब भी अमेरिका की राजनीति, न्याय व्यवस्था और सत्ता के गलियारों पर मंडरा रही है, और हर नई घटना उस अंधेरे को और गहरा करती जा रही है।




