Home » National » दिल छू लेने वाली खबर: पैगंबर की सीख से इंसाफ की मिसाल बना मद्रास हाई कोर्ट का फैसला

दिल छू लेने वाली खबर: पैगंबर की सीख से इंसाफ की मिसाल बना मद्रास हाई कोर्ट का फैसला

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

एबीसी डेस्क 21 दिसंबर 2025

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच से आई यह खबर सिर्फ एक कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि इंसानियत और नैतिकता की खूबसूरत मिसाल है। जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन ने एक ऐसे बुज़ुर्ग वकील को राहत दी, जो पिछले 19 सालों से अपने मेहनताने के लिए भटक रहे थे।

क्या था पूरा मामला?

वकील थिरुमलई ने मदुरै नगर निगम के लिए लंबे समय तक कानूनी सेवाएं दीं। उन्होंने कई अहम मुकदमे लड़े, लेकिन बदले में मिलने वाली उनकी फीस—करीब 13 लाख रुपये—सालों तक अटकी रही। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तो आखिरकार उन्हें अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

जज का फैसला और दिल को छू लेने वाली बात

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वामीनाथन ने सिर्फ कानून की किताब नहीं खोली, बल्कि इंसानियत की बात भी कही। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद साहब की मशहूर हदीस का हवाला देते हुए कहा—

“कर्मचारी को उसकी मेहनत का फल उसके पसीने के सूखने से पहले ही दे देना चाहिए।”

इस गहरी और मानवीय सीख से प्रेरित होकर कोर्ट ने मदुरै नगर निगम को आदेश दिया कि वकील का बकाया भुगतान तुरंत किया जाए। अदालत ने साफ कहा कि काम कराने के बाद सालों तक पैसे रोकना न तो न्याय है और न ही इंसानियत।

सिर्फ एक केस नहीं, एक संदेश

यह फैसला सिर्फ एक वकील को राहत देने तक सीमित नहीं है। यह उन सभी मज़दूरों, कर्मचारियों और पेशेवरों की आवाज़ है, जो अपनी मेहनत की कमाई के लिए वर्षों तक इंतज़ार करते हैं। कोर्ट ने यह साफ संदेश दिया कि सच्चा न्याय वही है, जिसमें मेहनत का सम्मान हो और हक समय पर मिले।

इस खबर को पढ़कर मन इसलिए खुश होता है, क्योंकि यह भरोसा दिलाती है कि हमारे न्याय तंत्र में आज भी ऐसे जज हैं, जो कानून के साथ-साथ दिल से भी फैसला करते हैं। उम्मीद है कि यह मिसाल दूर तक जाएगी और हर मेहनतकश आदमी को उसका हक बिना देर के मिलेगा।

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments