महेंद्र कुमार । नई दिल्ली 14 दिसंबर 2025
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस ने कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एक विशाल और आक्रामक महा-रैली का आयोजन किया। इस रैली का नारा था— ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, जो अब कांग्रेस के मुताबिक देशभर में लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई का प्रतीक बन चुका है। रैली में कांग्रेस नेतृत्व ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर सीधे सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के वैध मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने वाले फर्जी नामों को संरक्षण दिया जा रहा है।
रैली को संबोधित करते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और KPCC अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह आंदोलन कर्नाटक से शुरू हुआ और अब पूरे देश में फैल चुका है। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया मौलिक अधिकार है, और अगर यही अधिकार छीना गया तो लोकतंत्र केवल नाम का रह जाएगा। डीके शिवकुमार ने बताया कि कर्नाटक से ही इस आंदोलन के तहत 1 करोड़ 43 लाख हस्ताक्षर जुटाए गए हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वह राहुल गांधी के नेतृत्व में इस लड़ाई से जुड़े और लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हो।
रैली में AICC सचिव अंबा प्रसाद ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश की जनता की नजर में अगर कोई सबसे बड़ा गुनहगार है, तो वह ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर देश में ‘वोट चोरी’ कराई जा रही है और चुनाव आयोग अब ‘मोदी आयोग’ में बदल चुका है। अंबा प्रसाद ने कहा कि जनता के अधिकारों की खुलेआम चोरी हो रही है और यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
AICC सचिव शहनवाज खान ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद वोट के अधिकार पर टिकी है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने सबूतों के साथ दिखाया है कि किस तरह चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोट चोरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आज आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाले समय में आम नागरिक का कोई भी संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं रहेगा।
AICC सचिव कुणाल चौधरी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ रैली देश को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP संविधान और कांग्रेस द्वारा स्थापित अधिकारों की नींव को कमजोर कर रही है। उनके अनुसार, राहुल गांधी आज देश के इकलौते नेता हैं जो लगातार जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सत्ता के खिलाफ खड़े हैं।
रैली में AICC सचिव सुभाषिनी शरद यादव ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने हर नागरिक को वोट का अधिकार, सम्मान और भागीदारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार जनता से उसका यह हक छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान से उठने वाली आवाज सत्ता के अहंकार को चुनौती देगी और वोट चोरों को गद्दी छोड़नी पड़ेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक ने कहा कि भारत को मजबूत बनाने के लिए लोकतंत्र को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से मतदाता सूचियों में बदलाव किए जा रहे हैं, उससे पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई है। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस हमले के खिलाफ लगातार जनता को जागरूक कर रही है और रामलीला मैदान की रैली से निकला संदेश देश के हर कोने तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि BJP सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। वहीं कांग्रेस सचिव मनोज चौहान ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पहले चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया, फिर कानून बदलकर उन्हें कार्रवाई से बचाया और उसके बाद वोट चोरी की प्रक्रिया शुरू की।
CWC सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने बताया कि कांग्रेस इस आंदोलन के तहत देशभर से 5 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर जुटा चुकी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का साफ संदेश है—सरकार वही बने, जिसे जनता चाहती है। अगर लोगों से वोट का अधिकार छीन लिया गया, तो उनके बाकी अधिकार भी स्वतः समाप्त हो जाएंगे।
रैली में ओडिशा कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने नारे के अंदाज में कहा— “तख्त बदल दो, ताज बदल दो, वोट चोरों का राज बदल दो”। वहीं पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि गरीब के पास एकमात्र पूंजी उसका वोट है, जिसे BJP सरकार छीनना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि अब आम जनता ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ को अपना नारा बना चुकी है।
कुल मिलाकर, रामलीला मैदान की यह रैली कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग, BJP सरकार और कथित वोट चोरी के खिलाफ सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि यह आंदोलन आगे और तेज होगा और आने वाले समय में देशभर में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।




