एबीसी डेस्क 12 दिसंबर 2025
इंडिगो एयरलाइंस में हाल ही में सामने आए बड़े ऑपरेशनल संकट और हजारों उड़ानों के रद्द होने के बाद हवाई टिकटों के दाम अचानक बढ़ गए थे, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई। इसी पृष्ठभूमि में लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्र सरकार पूरे साल के लिए हवाई किरायों पर कोई स्थायी कैप नहीं लगा सकती। उन्होंने बताया कि भारत का विमानन क्षेत्र डी-रेगुलेटेड है, यानी टिकट के दाम बाजार की मांग और आपूर्ति से तय होते हैं। ऐसे में वर्षभर एक निश्चित किराया सीमा तय करना व्यावहारिक और संभव नहीं है, क्योंकि सीजन, त्योहार, छुट्टियाँ और मांग हर महीने बदलती रहती है।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बाजार को पूरी तरह खुला रखना चाहती है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और हितों को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर सरकार अस्थायी किराया सीमा लागू करने के अधिकार का उपयोग कर सकती है। हाल ही में इंडिगो संकट के दौरान सरकार ने किरायों में अचानक उछाल रोकने के लिए ऐसे ही कदम उठाए थे, ताकि एयरलाइंस मनमानी कीमत न वसूलें और आम यात्रियों पर आर्थिक बोझ न बढ़े।
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि एयरलाइंस को सीट क्षमता बढ़ाने, व्यस्त रूटों पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने और नियमों के पालन की निगरानी जैसी कार्यवाही की जा रही है, ताकि टिकट किराये उचित दायरे में रह सकें। मंत्री ने कहा कि “मांग बढ़ने पर किराया बढ़ना स्वाभाविक है, इसलिए पूरे साल एक समान किराए की सीमा तय करना उचित नहीं होगा।”
इंडिगो के संचालन में रुकावट और कर्मचारियों की अनुपस्थिति से बने हालात देखते हुए मंत्रालय ने एयरलाइन को 10% उड़ानों में कटौती का भी निर्देश दिया है, ताकि सेवा में स्थिरता लाई जा सके और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। सरकार के अनुसार, यह कदम स्थिति को नियंत्रित करने और यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए आवश्यक था।




