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अमेरिका यात्रा अब और सख्त: 5 साल की सोशल मीडिया हिस्ट्री अनिवार्य

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अंतरराष्ट्रीय डेस्क 10 दिसंबर 2025

अमेरिका में प्रवेश को लेकर नियम और सख्ती पहले से ही बढ़ रही है, लेकिन अब अमेरिकी सरकार एक और बड़ा बदलाव कर सकती है। एक नए प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिका भविष्य में उन सभी विदेशी यात्रियों से पिछले पाँच साल की सोशल मीडिया हिस्ट्री, मोबाइल नंबर और कई साल पुरानी ईमेल जानकारी माँग सकता है, जो अमेरिका घूमने, पढ़ने या नौकरी के लिए आना चाहते हैं। इस प्रस्ताव पर सबसे ज्यादा असर उन भारतीयों पर पड़ेगा जो शिक्षा, नौकरी या स्थायी रूप से बसने का सपना देखते हैं।

अमेरिकी एजेंसियों—Customs and Border Protection (CBP) और Department of Homeland Security (DHS)—ने एक प्रस्ताव जारी किया है जिसमें कहा गया है कि जो लोग ESTA फॉर्म भरकर बिना वीज़ा 90 दिन के लिए अमेरिका आते हैं, उन्हें अपनी सोशल मीडिया जानकारी देनी होगी। अभी यह फॉर्म केवल 40 देशों के नागरिक भरते हैं, भारत इनमें शामिल नहीं है। लेकिन यह प्रस्ताव भविष्य में वीज़ा से जुड़े नियमों को और सख्त कर सकता है और भारतीय छात्रों व नौकरी चाहने वालों पर इसका सीधा प्रभाव होगा।

अमेरिका पहले ही छात्र वीज़ा (F1) और नौकरी वाले वीज़ा (H1B) के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी मांगता है। लेकिन अब यह दायरा और बढ़ सकता है। नई योजना के तहत, अमेरिका आपकी 5 साल की सोशल मीडिया हिस्ट्री, 10 साल की ईमेल आईडी, और पिछले कई सालों के फोन नंबर देख सकता है। इसके अलावा, आपके परिवार के सदस्यों की जानकारी भी मांगी जा सकती है। इसका मतलब है कि अमेरिका में प्रवेश करने से पहले पूरी डिजिटल जांच की जाएगी।

यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार “राष्ट्रीय सुरक्षा” के नाम पर सीमा नियंत्रण को लगातार सख्त कर रही है। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया देखने से वे यह जान सकते हैं कि कोई व्यक्ति आतंकवाद, हिंसा या घृणा फैलाने वाले विचारों से जुड़ा तो नहीं। लेकिन डिजिटल अधिकार संगठनों का कहना है कि इससे नागरिकों की प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है और कई लोग डर की वजह से सोशल मीडिया इस्तेमाल करना ही छोड़ देंगे।

इस नियम का असर भारतीय छात्रों पर सबसे ज्यादा हो सकता है। हर साल लाखों भारतीय छात्र अमेरिका जाते हैं। पहले ही छात्र वीज़ा के नियम सख्त कर दिए गए थे—सोशल मीडिया अकाउंट्स सार्वजनिक करने पड़ते थे और अब H1B वीज़ा की फीस भी बढ़ गई है। अगर नया सोशल मीडिया नियम लागू होता है, तो वीज़ा मिलने में और देर हो सकती है और कागजी प्रक्रिया और भारी हो सकती है।

इतना ही नहीं, अमेरिकी सरकार के इस प्रस्ताव से पर्यटन पर भी असर पड़ सकता है। दुनिया के कई देश इस सख्ती से परेशान हैं। पहले भी ट्रंप प्रशासन के समय अमेरिका जाने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या कम हो गई थी। कई देशों के लोग अमेरिका यात्रा का बहिष्कार भी कर चुके हैं। अब भी माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका की पर्यटन इंडस्ट्री को नुकसान पहुँचाएगा।

अमेरिकी सरकार अभी 60 दिनों तक इस प्रस्ताव पर जनता की राय ले रही है। इसके बाद यह नियम कब लागू होगा, इसकी तारीख तय की जाएगी। लेकिन इतना तय है कि भविष्य में अमेरिका जाने के लिए भारतीयों को अधिक दस्तावेज़ देने होंगे और डिजिटल प्रोफाइल की जांच पहले से ज्यादा गहरी होगी।

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