सुमन कुमार । नई दिल्ली 8 दिसंबर 2025
देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो का संकट सोमवार को और गहरा गया, जब दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट से 250 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। यह संकट लगातार सातवें दिन जारी रहा, जिससे हजारों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रविवार की तुलना में सोमवार को हालात और खराब दिखे, और एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें तथा काउंटरों पर अफरा–तफरी स्पष्ट रूप से नजर आई। एयरलाइन ने परिचालन बाधित होने की वजह क्रू मैनेजमेंट समस्याओं, मौसम, और अचानक बढ़े यात्री दबाव को बताया है, लेकिन यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं कि उचित जानकारी और विकल्प उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सोमवार को 134 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 75 प्रस्थान और 59 आगमन वाली फ्लाइटें शामिल थीं। वहीं बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 117 उड़ानें रद्द पाई गईं—इसमें 62 प्रस्थान और 65 आगमन वाली सेवाएँ शामिल थीं। इसके अलावा मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई जैसे अन्य मेट्रो शहर भी इससे अछूते नहीं रहे। हैदराबाद में भी 70 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा, जिससे घरेलू कनेक्टिविटी पर गहरा प्रभाव दिखाई दिया।
यह पूरा संकट 2 दिसंबर से शुरू हुआ था, जब नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू होने के बाद पायलटों और क्रू की रोस्टरिंग में असंगतियाँ उभर आई थीं। इसके बाद से इंडिगो के परिचालन तंत्र में स्पष्ट दिक्कतें सामने आने लगीं। DGCA ने एयरलाइन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होना एयरलाइन की “अपर्याप्त तैयारी और योजना की कमी” को दर्शाता है। नियमों के अनुसार इंडिगो को अपने पायलटों का ड्यूटी साइकल और विश्राम अवधि नए तरीके से प्रबंधित करनी थी, लेकिन कई रिपोर्टों के अनुसार एयरलाइन इस बदलाव के लिए तैयार नहीं थी।
उधर, यात्रियों ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट शेयर किए जिनमें वे एयरलाइन काउंटर पर खड़े दिखाई दे रहे थे। कुछ यात्रियों ने बताया कि उड़ान में देरी या रद्दीकरण की जानकारी उन्हें एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ही मिली। कई यात्रियों को मजबूरी में अन्य एयरलाइनों के महंगे टिकट खरीदने पड़े। दिल्ली एयरपोर्ट प्राधिकरण ने सलाह जारी की है कि यात्री घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस अनिवार्य रूप से चेक कर लें क्योंकि अप्रत्याशित रद्दीकरण जारी रहने की संभावना है।
फिलहाल इंडिगो ने कहा है कि वह स्थिति को सामान्य करने के लिए “रूट कॉज़ एनालिसिस” कर रहा है और आने वाले दिनों में परिचालन स्थिर हो जाएगा। लेकिन DGCA ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर सुधार नहीं हुआ तो नियामक कार्रवाई और सख्त हो सकती है। साथ ही कोहरे का मौसम शुरू होने के कारण चिंताएँ और बढ़ गई हैं, क्योंकि दिसंबर–जनवरी में उत्तर भारत के एयरपोर्ट पर विज़िबिलिटी समस्या आम होती है। ऐसे में इंडिगो के सामने परिचालन को पटरी पर लाने और यात्रियों का भरोसा लौटाने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है।




