एबीसी डेस्क 18 नवंबर 2025
भारत की दूरसंचार क्षमताओं ने सोमवार को वह कर दिखाया, जो सालों से असंभव माना जाता था। लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में LAC के इतने करीब, इतने ऊँचे और इतने कठिन इलाकों में, जहाँ अब तक किसी भी कंपनी का नेटवर्क नहीं पहुँचा था—एयरटेल ने अपना मोबाइल नेटवर्क स्थापित कर दिया। यह सिर्फ़ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल सार्वभौमिकता और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम है। पांगोंग झील के बिल्कुल सामने बसे दो गांव—मान और मेरक—जो अब तक देश के मानचित्र में बिना नेटवर्क वाले ‘ब्लैक स्पॉट’ थे, अब भारतीय मोबाइल कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं। यहाँ सिग्नल का मतलब सिर्फ़ फोन नहीं, बल्कि जीवन, सुरक्षा, संपर्क और रणनीतिक ताकत है। यह वही इलाका है जहाँ चीन की सेना आमतौर पर गतिविधियाँ तेज़ करती रहती है। ऐसे स्थान पर भारत की टेलीकॉम उपस्थिति अपने आप में एक शांत लेकिन बेहद प्रभावशाली संदेश है—कि भारत अब हर चुनौती के लिए तैयार है और हर सीमा तक डिजिटल पहुंच बनाएगा।
50 किलोमीटर का ‘डिजिटल ब्लैक ज़ोन’ अब इतिहास—मान–मेरक के लोगों और पर्यटकों के लिए नए युग की शुरुआत
लद्दाख का यह वह हिस्सा था जहाँ लगभग 50 किलोमीटर का इलाका पूरी तरह से बिना नेटवर्क रहता था। स्थानीय लोगों की ज़िंदगी इस कारण हमेशा कठिनाईयों से भरी रहती थी। न फोन, न इंटरनेट, न डिजिटल पेमेंट—आपातकाल में मदद बुलाने तक की सुविधा नहीं। लेकिन अब एयरटेल ने इस पूरे क्षेत्र को जोड़ दिया है। यह परिवर्तन केवल संचार तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक जीवन पर सीधा असर डालने वाला है।
अब स्थानीय लोग बैंकिंग सेवाएँ, सरकारी योजनाओं का डिजिटल इस्तेमाल, ऑनलाइन पढ़ाई-लिखाई और मेडिकल आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्राप्त कर पाएँगे। वहीं दूसरी ओर, पांगोंग झील दुनिया के बड़े पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है—जहाँ हर सीज़न में हजारों पर्यटक आते हैं। इनके लिए नेटवर्क का मतलब है सुरक्षित यात्रा, बेहतर नेविगेशन, ऑनलाइन बुकिंग, वीडियो कॉल और घर से संपर्क बनाए रखना। यह पूरा क्षेत्र अब भारत के डिजिटल मानचित्र में मजबूती से जुड़ चुका है, और यह परिवर्तन स्थायी सामाजिक बदलाव लेकर आएगा।
भारतीय सेना की रणनीतिक शक्ति को बड़ी मजबूती—ऊँचाई वाले मोर्चों पर अब निर्बाध कनेक्टिविटी
लद्दाख की कठोर जलवायु, -30 डिग्री सेल्सियस तक गिरने वाला तापमान और दुर्गम पहाड़ी रास्ते वह चुनौती हैं जिन्हें देखकर कंपनियाँ अक्सर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट रोक देती हैं। फिर भी एयरटेल ने इन कठिन परिस्थितियों में टावर स्थापित कर अपना वादा निभाया—‘देश के हर कोने तक नेटवर्क पहुंचाना’। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ भारतीय सेना को मिलने वाला है। यहाँ तैनात जवानों को पहले कई बार रेडियो कनेक्शन और सैटेलाइट संचार पर निर्भर रहना पड़ता था। अब वास्तविक समय में संवाद, कमांड सेंटर से संपर्क, GPS नेविगेशन और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम और भी तेज़ और भरोसेमंद हो सकेंगे।
यह कदम सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाता है। अगर चीन सीमा पर किसी आकस्मिक गतिविधि की खबर मिलती है, तो संचार का तेज़ माध्यम उपलब्ध होने के कारण जवाबी कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी। रणनीतिक विशेषज्ञ इसे भारत की ‘डिजिटल बॉर्डर स्ट्रेंथ’ का नया अध्याय बता रहे हैं।
आगे बढ़ता डिजिटल भारत—दूर-दराज के इलाकों को जोड़ने का एयरटेल का मिशन तेज
भारती एयरटेल के जम्मू–कश्मीर क्षेत्र के सीओओ दिब्येंदु आइच ने मान–मेरक को नेटवर्क से जोड़ने को कंपनी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि एयरटेल का लक्ष्य सिर्फ़ महानगरों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है—बल्कि ऐसे इलाकों तक पहुँच बनाना है जहाँ आमतौर पर लोगों को लगता है कि नेटवर्क कभी नहीं पहुँचेगा। कंपनी का कहना है कि चाहे पहाड़ हो, रेगिस्तान हो या घना जंगल—भारत का कोई भी कोना डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में वह दूरस्थ और सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाकों में अतिरिक्त टावर लगाएगी, ताकि भारत की डिजिटल संप्रभुता और मज़बूत होती रहे। यह कदम ना केवल व्यावसायिक दृष्टि से बल्कि राष्ट्रीय हित के लिहाज़ से भी एक ‘गेम-चेंजर’ है।
चीन की सीमा पर भारत की डिजिटल मौजूदगी—एक तकनीकी नहीं, बल्कि रणनीतिक जीत
मान–मेरक का यह इलाका LAC से बहुत करीब है। यानी एयरटेल का नेटवर्क सीधे-सीधे भारतीय उपस्थिति को उस जगह तक ले गया है, जहाँ आमतौर पर चीन अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता रहा है। यह तकनीकी जीत से कहीं ज्यादा—मानसिक और रणनीतिक जीत है। भारत ने एक शांत, बिना शोर किए, बिना तनातनी बढ़ाए यह दिखा दिया कि वह तकनीक के माध्यम से अपने सीमावर्ती इलाकों को मजबूत बना रहा है। इससे न केवल सेना का मनोबल बढ़ता है, बल्कि यह संदेश भी जाता है कि भारत अब हर मोर्चे पर एक सक्षम, सजग और तकनीकी रूप से उन्नत राष्ट्र है।




