नई दिल्ली 12 नवंबर 2025
देश की राजधानी दिल्ली में हुए हालिया धमाके के बाद अब मामला बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्टों ने इस धमाके की दिशा पाकिस्तान की ओर मोड़ दी है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मंगलवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और सीमा पार बैठे आतंकी गिरोहों का हाथ है। बिट्टू ने कहा कि “भारत की सीमा पर जहां हाल ही में फेंसिंग में सेंध लगी थी, वहीं से बड़ी मात्रा में हथियारों की खेप भेजी गई थी, जो बाद में देश के भीतर आतंकी मॉड्यूल तक पहुंचाई गई।” उन्होंने साफ कहा कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने की सुनियोजित कोशिश है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि इस बार पाकिस्तान की साज़िश सिर्फ बॉर्डर एरिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर तक फैली एक नेटवर्क चेन का इस्तेमाल किया गया। इस नेटवर्क में कुछ स्थानीय स्लीपर सेल्स भी शामिल हैं, जिन्हें फंडिंग और हथियार दोनों सीमा पार से मिले। बिट्टू ने कहा कि “हमारे जवानों ने हाल ही में बॉर्डर पर एक ऐसे क्षेत्र का पता लगाया था जहां फेंसिंग को कुछ मीटर तक काटा गया था। जांच में पाया गया कि उसी रास्ते से ड्रोन और जमीनी दोनों माध्यमों से हथियार भेजे गए। यह स्पष्ट रूप से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा है।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली धमाके की जांच अब मल्टी-एजेंसी स्तर पर की जा रही है, जिसमें एनआईए, इंटेलिजेंस ब्यूरो, स्पेशल सेल और बॉर्डर सिक्योरिटी एजेंसियां शामिल हैं। बिट्टू ने बताया कि शुरुआती रिपोर्टों में यह संकेत मिला है कि “धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री, टाइमिंग डिवाइस और सर्किट तकनीक” वही है, जो पहले जम्मू और पठानकोट हमलों में इस्तेमाल हुई थी। उन्होंने कहा — “यह सीधा सबूत है कि पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क ने फिर से भारत में सक्रियता बढ़ाई है, और यह दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।”
रवनीत बिट्टू ने कहा कि सरकार ने अब इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को फेंसिंग के पूरे इलाक़े की रीकॉन स्ट्रक्चरिंग का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर किलोमीटर पर सेंसर, नाइट-विज़न ड्रोन और मोशन डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत अब 90 के दशक वाला देश नहीं रहा। हर साजिश का जवाब सर्जिकल और रणनीतिक दोनों स्तरों पर दिया जाएगा।”
दिल्ली में हुए धमाके के बाद जिस तरह से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है, उसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ ऐसे हथियार और विस्फोटक मिले हैं जिनकी सीरियल सीरीज़ पाकिस्तान की म्यूनिशन फैक्ट्रियों से मिलती है। इनमें अत्याधुनिक AK-47 राइफल्स, ग्रेनेड, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और ड्रोन पार्ट्स शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि हथियारों की इस खेप को दिल्ली के बाहरी इलाकों में मौजूद स्लीपर सेल्स के माध्यम से बांटा जाना था, जिनका मकसद त्योहारों के सीज़न में बड़े पैमाने पर दहशत फैलाना था।
बिट्टू ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को इस पूरी घटना की रिपोर्ट सौंप दी गई है और गृह मंत्रालय ने एनएसए की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है जो आने वाले हफ्तों में सीमा सुरक्षा से लेकर आतंरिक इंटेलिजेंस तंत्र की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि “हमने 370 हटाने के बाद पाकिस्तान की जो रणनीतिक रीढ़ तोड़ी थी, अब वही देश एक बार फिर ड्रोन और हथियारों के ज़रिए अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन भारत सतर्क है। इस बार जवाब सिर्फ शब्दों में नहीं, कार्रवाई में मिलेगा।”
राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद हड़कंप मच गया है। विपक्ष ने सरकार से सवाल किया है कि अगर सीमा पर सेंध लगी थी, तो उसका पता पहले क्यों नहीं चला? वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि यह विपक्ष का वक्त नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता का समय है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि रवनीत बिट्टू का बयान स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान फिर से अपनी पुरानी हरकतों पर लौट आया है और अब भारत को पहले से ज़्यादा सतर्क रहना होगा।
गौरतलब है कि बीते हफ्ते दिल्ली के एक भीड़भाड़ वाले इलाके में हुए धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसमें कई लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। जांच में विस्फोटक सामग्री RDX होने की पुष्टि हुई है, जो आम तौर पर केवल मिलिट्री ग्रेड हथियारों में इस्तेमाल होता है। अब जब केंद्रीय मंत्री ने पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि कर दी है, तो मामला सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जा सकता है। विदेश मंत्रालय इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में उठाने की तैयारी में है।
देश के भीतर भी सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। दिल्ली, पंजाब, जम्मू और राजस्थान में विशेष निगरानी रखी जा रही है। सभी सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ, एनएसजी और स्थानीय पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। वहीं, इंटेलिजेंस ब्यूरो ने “ड्रोन एक्टिविटी मैपिंग” नामक नई रणनीति पर काम शुरू किया है, जिससे सीमा पार से आने वाले किसी भी उड़ने वाले ऑब्जेक्ट को तुरंत चिन्हित किया जा सके।
दिल्ली धमाके की गूंज अब सिर्फ देश के भीतर नहीं, बल्कि सीमा पार तक सुनाई दे रही है। रवनीत बिट्टू का यह बयान साफ संदेश देता है कि भारत अब किसी भी साजिश को हल्के में नहीं लेगा। देश की राजधानी में हथियारों की सेंध और पाकिस्तान की भागीदारी का खुलासा यह दिखाता है कि दुश्मन देश अब भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आया है। लेकिन इस बार भारत की तैयारी भी उतनी ही ठोस है — क्योंकि जैसा कि केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जो फेंसिंग टूटी है, वो सिर्फ तारों की नहीं, बल्कि पाकिस्तान की साज़िश की है — और अब वो साज़िश पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।”




