बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक एक दिन पहले, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बिहार के युवाओं — खासकर Gen-Z पहली बार वोट डालने वालों — को सीधा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि 6 नवंबर केवल मतदान की तारीख नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा चुनने का ऐतिहासिक क्षण है। राहुल गांधी ने युवाओं को जागरूक, सतर्क और सक्रिय होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की है।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों में सत्ताधारी दल द्वारा “वोट चोरी” और जनता की आवाज़ दबाने की कोशिशें देखी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह साजिश बिहार की तरफ बढ़ चुकी है, और लक्ष्य है—युवाओं का वोट और उनका भविष्य। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ताधारी ताकतें मतदाता सूची में छेड़छाड़ से लेकर बूथ पर हेरफेर तक हर हथकंडा अपनाने की कोशिश कर सकती हैं, इसलिए लोगों को बूथ स्तर तक सतर्क रहना होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि पहली बार मतदान कर रहे युवा लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें यह समझने की जरूरत है कि वोट सिर्फ एक अधिकार नहीं — यह संविधान द्वारा दिया गया सबसे बड़ा हथियार है जो देश की सरकार और भविष्य तय करता है। उन्होंने बिहार के युवा मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे बड़ी संख्या में मतदान केंद्र पहुँचें और महागठबंधन के प्रत्याशियों को वोट देकर वोट चोरी की राजनीति को जवाब दें।
उन्होंने कहा कि सच की लड़ाई हमेशा जनता की ताकत से जीती जाती है और बिहार देश को लोकतंत्र का नया संदेश देने की क्षमता रखता है।
उनके शब्दों में —“लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत, जागरूक जनता होती है। वोट चोरी, सरकार चोरी की इस साजिश को अपने वोट से हराइए।”
राहुल गांधी ने युवाओं को गांधीवादी मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए लोकतंत्र को बचाना ही सबसे बड़ा देशभक्ति का काम है। उन्होंने बिहार को जगाने की अपील करते हुए संदेश का समापन किया — “जय हिंद, जय बिहार।”
बिहार के चुनावी माहौल में राहुल गांधी की यह अपील युवाओं में जोश भरने और सत्ता-विरोधी लहर को मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है। अब यह देखना बाकी है कि क्या 6 नवंबर को युवा वर्ग इस संदेश को बड़ी संख्या में बूथों पर पहुँचकर मूर्त रूप देता है — और क्या बिहार का इतिहास एक नई दिशा पकड़ता है?




