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NDA का ‘संकल्प पत्र’— 1 करोड़ नौकरियां, ‘लखपति दीदी’ और पंचामृत गारंटी के साथ महागठबंधन को सीधी चुनौती

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बिहार विधानसभा चुनावों में अब सियासी गर्मी अपने चरम पर है। महागठबंधन के ‘तेजस्वी प्रण’ के जवाब में शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने पटना के होटल मौर्या में अपना 69 पन्नों का घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र 2025’ जारी किया। बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से यह घोषणा पत्र जारी करते हुए दावा किया कि “यह बिहार को रोजगार, विकास और सशक्तिकरण की नई दिशा देगा।”

‘संकल्प पत्र 2025’ को NDA ने बिहार के युवाओं, महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों पर केंद्रित बताया है। इसमें 25 प्रमुख संकल्पों का उल्लेख किया गया है, जिनमें सबसे बड़ा वादा है — राज्य में 1 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने का। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि “यह घोषणापत्र बिहार को रोजगार-प्रधान राज्य बनाने का ब्लूप्रिंट है। हमारा लक्ष्य है कि हर युवा आत्मनिर्भर बने।” इसके तहत हर जिले में ‘मेगा स्किल सेंटर’ खोले जाएंगे, जिन्हें आगे चलकर ‘ग्लोबल स्किलिंग सेंटर’ के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए NDA ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा अत्यंत पिछड़ी जातियों (EBC) की विभिन्न श्रेणियों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी वादा किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में NDA ने KG से PG तक गरीब परिवारों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का वादा किया है। अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 2000 रुपये की एकमुश्त सहायता और हर उप-मंडल में SC छात्रों के लिए आवासीय स्कूल खोलने का प्रस्ताव है। वहीं, कृषि क्षेत्र में ‘करपूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि’ के तहत हर किसान को सालाना 3000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। कृषि अवसंरचना के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश, मत्स्य पालन के लिए 9000 रुपये की सहायता और हर ब्लॉक में डेयरी प्रोसेसिंग सेंटर की स्थापना भी NDA के वादों में शामिल है।

स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर गठबंधन ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज और विश्व स्तरीय मेडिसिटी के निर्माण का ऐलान किया है। साथ ही, हर परिवार को 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में NDA ने पटना के अलावा चार और शहरों में मेट्रो सेवा, सात अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, 10 औद्योगिक पार्क और अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है।

NDA का ‘पंचामृत गारंटी पैकेज’ गरीबों और निम्न वर्गों के लिए सबसे अहम आकर्षण है, जिसमें शामिल हैं — मुफ्त राशन, प्रति घर 125 यूनिट मुफ्त बिजली, 5 लाख तक मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा, 50 लाख पक्के घरों का निर्माण और पात्र परिवारों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन।

महागठबंधन ने इससे पहले जारी अपने ‘तेजस्वी प्रण’ में हर परिवार को एक नौकरी, महिलाओं को 2500 रुपये मासिक और 25 लाख तक स्वास्थ्य बीमा का वादा किया था। NDA ने इसे चुनौती देते हुए न केवल सरकारी बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार सृजन पर जोर दिया है। साथ ही, पिछड़ों और दलितों के लिए नई योजनाएं जोड़कर इसे अधिक व्यापक बताया है।

बिहार में चुनाव दो चरणों में — 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। NDA नेताओं ने दावा किया है कि यह संकल्प पत्र “बिहार को जंगलराज से निकालकर विकास के युग में प्रवेश दिलाने वाला दस्तावेज़” साबित होगा। अब देखना यह होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है और क्या NDA एक बार फिर बिहार की सत्ता में वापसी कर पाएगा या नहीं।

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