एबीसी नेशनल न्यूज | हैदराबाद | 26 फरवरी 2026
CID की बड़ी कार्रवाई, लंबे समय से चल रही थी जांच
तेलंगाना पुलिस की CID ने करीब 792 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फाल्कन ग्रुप के पूर्व COO Vikas Kumar Sakhare को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार साखरे पर निवेश के नाम पर लोगों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर भारी रकम जुटाने और बाद में उस धन के कथित दुरुपयोग का आरोप है। मामले के सामने आते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया था और बड़ी संख्या में पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद CID ने विस्तृत जांच शुरू की।
ऊंचे मुनाफे का लालच बन गया जाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने निवेशकों को कम समय में अधिक लाभ का भरोसा देकर बड़ी संख्या में लोगों से पैसा जुटाया। एजेंसियों का कहना है कि निवेशकों से प्राप्त राशि को निर्धारित निवेश योजनाओं में लगाने के बजाय अन्य गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया, जिससे हजारों निवेशकों को आर्थिक नुकसान हुआ। इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच एजेंसियों ने कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल शुरू की।
फंड फ्लो की जांच और अन्य आरोपियों पर शिकंजा
जांच अधिकारी अब बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और कंपनी दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं ताकि धन के प्रवाह और उसके उपयोग की पूरी तस्वीर सामने आ सके। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में कई अन्य सहयोगियों की भूमिका भी हो सकती है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर जांच का दायरा अन्य राज्यों तक भी बढ़ाया जा सकता है।
ED की कार्रवाई और प्राइवेट जेट जब्ती से जुड़ा बड़ा खुलासा
इस घोटाले से जुड़ी एक अहम कार्रवाई पहले भी सामने आ चुकी है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2025 में हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक Hawker 800A प्राइवेट जेट जब्त किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार यह विमान मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार से जुड़ा बताया गया और आरोप है कि इसे कथित घोटाले की रकम से खरीदा गया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इस विमान का उपयोग दुबई भागने के लिए कर चुका था। विमान की खरीद 2024 में लगभग 1.6 मिलियन डॉलर में की गई बताई गई है और इसके वित्तीय स्रोतों की भी जांच जारी है।
घोटाले का व्यापक दायरा और हजारों निवेशक प्रभावित
जांच एजेंसियों के अनुसार फाल्कन ग्रुप पर कुल मिलाकर करीब 1,700 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप है, जिसमें से लगभग 850 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए गए, जबकि हजारों निवेशकों का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। इस मामले में कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक समेत कई प्रमुख आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। इससे पहले साइबराबाद पुलिस ने कंपनी के अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है।
निवेशकों में चिंता, एजेंसियों का सतर्क रहने का संदेश
घोटाले के खुलासे के बाद निवेशकों में अपनी रकम वापस मिलने को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस और जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही आम लोगों को बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के ऊंचे रिटर्न के लालच में निवेश न करने की सलाह भी दी गई है।




