राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/कोलकाता | 6 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल में SIR (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट) से जुड़े संवेदनशील मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम हस्तक्षेप करते हुए जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत के इस फैसले को मामले की गंभीरता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मामले के तथ्यों और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए राज्य एजेंसियों के बजाय एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच अधिक उपयुक्त होगी। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में ऐसे पहलू सामने आए हैं, जिनकी गहराई से और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है और कई अहम बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया है। इसी आधार पर जांच को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग की गई थी। राज्य सरकार की ओर से इसका विरोध किया गया, लेकिन अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद NIA को जांच सौंपने का फैसला सुनाया।
इस आदेश के बाद अब NIA पूरी जांच अपने हाथ में लेगी और मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, सबूत और संबंधित जानकारी राज्य एजेंसियों से अपने कब्जे में लेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में NIA की टीम पश्चिम बंगाल पहुंचकर जांच की प्रक्रिया को तेज करेगी।
राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सबकी नजरें NIA की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिक गई हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इस पूरे मामले के पीछे असल सच्चाई क्या है।




