एबीसी नेशनल न्यूज | लखनऊ | 13 फरवरी 2026
महोबा के एक सरकारी स्कूल से सामने आए वीडियो ने प्रदेश की मिड-डे मील व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल फुटेज में कथित तौर पर दिख रहा है कि दो आधा-लीटर दूध के पैकेट को लगभग दस लीटर पानी में मिलाकर बच्चों को परोसने की तैयारी की जा रही है। मामला महोबा ज़िले के प्राथमिक विद्यालय ढीकवहा से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां केंद्र सरकार की PM-POSHAN योजना के तहत स्कूली बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। पत्रकार पियूष राय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो ने तेजी से तूल पकड़ा। प्रशासन ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होता है और यदि लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सिद्ध होता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने इस घटना को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि बच्चों के पोषण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था पूरी तरह फेल है। उनका कहना है कि यदि दूध जैसी बुनियादी सामग्री में इस तरह मिलावट हो रही है तो योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़े हो जाते हैं।
यह घटना केवल एक स्कूल तक सीमित है या व्यापक स्तर पर ऐसी लापरवाही हो रही है—यह जांच का विषय है। लेकिन इसने शिक्षा और पोषण योजनाओं की गुणवत्ता, निगरानी तंत्र और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है।




