एबीसी नेशनल न्यूज | 5 फरवरी 2026
नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मुख्य सचेतक (Whip-CPP) नासिर हुसैन ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को लेकर केंद्र सरकार से गंभीर और सीधे सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट में उजागर हुई खामियां महज़ तकनीकी त्रुटियां नहीं हैं, बल्कि पूरी निगरानी और सत्यापन व्यवस्था की प्रणालीगत विफलता को दर्शाती हैं।
नासिर हुसैन ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या मंत्रालय यह स्वीकार करता है कि कैग द्वारा चिन्हित आंकड़ों की गड़बड़ियां योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही का संकेत देती हैं। साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या इन अनियमितताओं के लिए किसी भी स्तर पर—कार्यान्वयन एजेंसियों, ट्रेनिंग पार्टनर्स, असेसमेंट बॉडीज़, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अधिकारियों या मंत्रालय के अफसरों—की जवाबदेही तय की गई है या नहीं।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार ने फर्जी लाभार्थियों, बंद या गैर-कार्यशील प्रशिक्षण केंद्रों को चालू दिखाने, झूठे प्लेसमेंट रिकॉर्ड, अथवा धन के दुरुपयोग जैसे मामलों में किसी स्वतंत्र या आपराधिक जांच, धन की वसूली, ब्लैकलिस्टिंग या अन्य दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है या देने का प्रस्ताव है। यदि ऐसा है, तो उसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
देश में बेरोजगारी और अल्प-रोजगार की लगातार बनी स्थिति का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि इसका सबसे ज़्यादा असर युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, धार्मिक अल्पसंख्यकों और दिव्यांगजनों पर पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या PMKVY के डिज़ाइन में बदलाव या किसी नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है, जिसमें मजबूत डेटा सत्यता, बायोमेट्रिक और जियो-टैग्ड सत्यापन, तथा थर्ड-पार्टी ऑडिट को अनिवार्य बनाया जाए।
अंत में, नासिर हुसैन ने मांग की कि योजना का एक स्वतंत्र और समयबद्ध मूल्यांकन कराया जाए, जिसमें राज्य सरकारों, सेक्टर स्किल काउंसिल्स, ट्रेड यूनियनों और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि इस मूल्यांकन की पूरी रिपोर्ट, उसकी सिफारिशों सहित—विशेष रूप से न्याय, प्रभावशीलता और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर—सार्वजनिक डोमेन में रखी जानी चाहिए। ये सवाल न केवल कौशल विकास योजनाओं की दिशा और पारदर्शिता पर उठे हैं, बल्कि यह भी तय करेंगे कि सरकार ज़मीनी हकीकत और युवाओं के भविष्य को लेकर कितनी गंभीर है।




