एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026
PM CARES से डर क्यों?
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर सीधा, तीखा और आक्रामक हमला बोलते हुए कहा कि देश में अब लोकतंत्र नहीं, फरमान चल रहा है। उनका आरोप है कि PMO यह तय कर रहा है कि लोकसभा में सांसद क्या पूछेंगे और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि यह संसद की संप्रभुता पर खुला हमला है और लोकतंत्र की रीढ़ तोड़ने की साजिश है। सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि लोकसभा सचिवालय को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि PM CARES Fund, PM National Relief Fund और National Defence Fund से जुड़े किसी भी सवाल को स्वीकार न किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया—अगर सब कुछ ईमानदारी से हुआ है, तो सवालों से इतना डर क्यों? आखिर किस सच्चाई पर पर्दा डाला जा रहा है?
“पैसा अपने घर से नहीं लाए हैं मोदी जी”
कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा, “मोदी जी यह पैसा अपने घर से नहीं लाए हैं। यह देश के टैक्स देने वाले नागरिकों का पैसा है, जनता का पैसा है। फिर खर्च का हिसाब देने में इतनी घबराहट क्यों?” उन्होंने कहा कि पारदर्शिता से भागना इस बात का संकेत है कि दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल ही काली है।
संसद को ‘मौन स्वीकृति केंद्र’ बनाने की कोशिश
सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि सवालों पर रोक लगाकर संसद को सिर्फ तालियां बजाने और चुपचाप मुहर लगाने की संस्था बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना विपक्ष का ही नहीं, बल्कि हर सांसद का संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार को कुचलना तानाशाही मानसिकता का खुला प्रदर्शन है।
जवाबदेही से भागती सरकार
कांग्रेस ने मांग की कि PM CARES समेत सभी सार्वजनिक फंड्स का पूरा ब्योरा संसद के पटल पर रखा जाए और स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि जो सरकार खुद को ‘महामानव’ और ‘विश्वगुरु’ बताती है, उसे सवालों से डरने के बजाय जवाब देने का साहस दिखाना चाहिए। लोकतंत्र फरमान से नहीं, जवाबदेही से चलता है।




