एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 12 मार्च 2026
देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक सियासी तापमान बढ़ गया है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और विपक्षी दलों के कई सांसदों ने संसद परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी सांसदों के साथ जमीन पर बैठकर चाय और बिस्कुट लेते हुए दिखाई दिए और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष का कहना है कि जब देश का आम आदमी रसोई गैस के संकट से जूझ रहा है, तब सरकार जवाब देने से बचती नजर आ रही है।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि एलपीजी संकट देश के कई शहरों में गंभीर रूप ले चुका है। सिलेंडरों की कमी के कारण घरों में रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है, जबकि होटल, ढाबे और छोटे रेस्तरां भी प्रभावित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर संसद के भीतर हंगामा और बाहर प्रदर्शन जारी है। राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल विपक्ष का मुद्दा नहीं बल्कि करोड़ों परिवारों की रसोई का सवाल है। उनका कहना था कि सरकार को तुरंत स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि आखिर गैस की आपूर्ति क्यों प्रभावित हुई और आम आदमी को राहत कब मिलेगी।
धरने के दौरान राहुल गांधी का सहज और आत्मविश्वास भरा अंदाज भी चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी सांसदों के साथ बैठकर चाय-बिस्कुट लेते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रतीकात्मक विरोध है, लेकिन इसका संदेश साफ है—देश के लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। विपक्ष का दावा है कि जब प्रधानमंत्री Narendra Modi इस मुद्दे पर सीधे जवाब देने से बचते दिख रहे हैं, तब विपक्ष संसद परिसर में बैठकर जनता की आवाज़ उठाने के लिए मजबूर है।
विपक्षी दलों का कहना है कि महंगाई, गैस की कीमतों और आपूर्ति संकट जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उनका आरोप है कि जनता के बुनियादी सवालों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय सरकार राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है। इसलिए विपक्ष ने तय किया है कि वह संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगा और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगा।
संसद परिसर में हुए इस धरना प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। जहां विपक्ष इसे जनता की रसोई की लड़ाई बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे राजनीतिक नाटक कह रहा है। लेकिन एलपीजी संकट के बीच यह तस्वीर साफ संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना रहने वाला है।




