आलोक कुमार। 30 नवंबर 2025
कांग्रेस और मोदी सरकार के बीच टकराव एक बार फिर तेज़ हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी सत्ता के बल पर विपक्ष को डराने, दबाने और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति में जुटी हुई है। जयराम रमेश का आरोप है कि बीजेपी नेतृत्व अपने विरोधियों के खिलाफ लगातार संस्थाओं का दुरुपयोग कर रहा है—चाहे वह प्रवर्तन निदेशालय हो (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या आयकर विभाग। उनका कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर हो रहे हमलों के पीछे स्पष्ट राजनीतिक मकसद है, न कि कोई कानूनी तर्क।
रमेश ने कहा कि जो सरकारें खुद असुरक्षित महसूस करती हैं, वही विपक्ष को डराने का सहारा लेती हैं। उनके शब्दों में, “जो खुद भयभीत होते हैं, वही दूसरों को धमकाने की कोशिश करते हैं। मोदी-शाह की जोड़ी अपने भीतर छिपे डर और असुरक्षा को विपक्ष पर हमले करके छिपाना चाहती है।” रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी का पूरा राजनीतिक ढांचा इस समय ‘बिना सवाल, बिना बहस, और बिना आलोचना’ वाला माहौल तैयार करने में लगा है, जिसमें किसी भी असहमति को राष्ट्रविरोध या भ्रष्टाचार के आरोपों के नीचे कुचल दिया जाता है। उनका कहना है कि यह राजनीति लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाती है।
जयराम रमेश ने विशेष तौर पर नेशनल हेराल्ड मामले का जिक्र किया, जिसे बीजेपी वर्षों से कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ इस्तेमाल करती रही है। उन्होंने इस मामले को “पूरी तरह से झूठा, निराधार और राजनीतिक रूप से गढ़ा गया” बताया। रमेश के अनुसार, इस मामले के जरिये गांधी परिवार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को मानसिक रूप से परेशान करने की कोशिश की जा रही है ताकि पार्टी का मनोबल गिराया जा सके। उन्होंने कहा कि तथ्यों और दस्तावेजों का बार-बार विश्लेषण करने के बावजूद इस मामले में कोई ठोस अपराध या वित्तीय अनियमितता सिद्ध नहीं हुई है, लेकिन फिर भी केंद्र सरकार इसे राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करती है—क्योंकि उनका लक्ष्य न्याय नहीं, बल्कि बदले की कार्रवाई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कभी लड़ाई से मुंह नहीं मोड़ा और आज भी पार्टी इसी दृढ़ संकल्प के साथ खड़ी है। जयराम रमेश ने स्पष्ट रूप से विश्वास जताया कि न्याय की प्रक्रिया अंततः सत्य की रक्षा करेगी और राजनीतिक रणनीतियां, झूठे आरोप या संस्थाओं का दुरुपयोग, सत्य की रोशनी के सामने टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा, “सत्यमेव जयते—सत्य की जीत अवश्य होगी, चाहे सत्ता कितनी भी ताकतवर क्यों न हो।”
कांग्रेस नेता का यह बयान उस समय आया है जब केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव चरम पर है। विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करके विपक्ष को दमन की राजनीति में फंसा रही है, जबकि सरकार अपनी कार्रवाइयों को ‘भ्रष्टाचार-विरोधी मुहिम’ बताती है। इन परिस्थितियों में जयराम रमेश का यह बयान न सिर्फ कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि आगामी सत्रों और राजनीतिक माहौल में अधिक गरमा-गरमी की संभावना भी बढ़ा देता है।
जयराम रमेश के शब्दों में—“नेशनल हेराल्ड मामला एक राजनीतिक नाटक है। यह सच्चाई को दबा नहीं सकता। न्याय अंततः बोलेगा, और सत्य की ही जीत होगी।”





