पटना 6 नवंबर 2025
बिहार चुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और इस घड़ी में महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे तेजस्वी प्रसाद यादव ने सत्ता में बैठे एनडीए गठबंधन पर बेरोज़गारी, पलायन और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर करारा हमला बोला है। उनका कहना है कि पिछले 18 वर्षों में सुशासन के नाम पर जनता को केवल खोखले वादे और जुमले ही मिले हैं। बिहार का युवा नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में भटकता रहा, हर परिवार में बेरोज़गारी की तपिश महसूस की जा रही है। तेजस्वी ने दावा किया कि उनकी सरकार बनने पर राज्य के हर गरीब परिवार को सम्मानजनक जीवन देने के लिए व्यापक स्तर पर योजनाएं लागू होंगी और युवाओं को स्थायी स्वरोज़गार तथा नौकरी के अवसर दिए जाएंगे।
तेजस्वी यादव ने अंतरवार्ता में कहा कि बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली दम तोड़ रही है, अस्पतालों में डॉक्टर नहीं और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने सरकारी नौकरियों की बहाली पर रोक लगाकर पूरे एक दशक की पीढ़ी को अंधेरे में धकेल दिया। तेजस्वी ने कहा कि जब वे उपमुख्यमंत्री थे तो 2 लाख से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे रोककर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पहली प्राथमिकता शिक्षा व स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर युवाओं को आर्थिक सुरक्षा देना होगा।
तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार के 70 लाख परिवार अभी भी गरीबी से जूझ रहे हैं, किसानों की आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, और राज्य में व्यवसाय और उद्योग के लिए माहौल बिल्कुल नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा और नीतीश कुमार की राजनीति अब केवल जातीय समीकरणों और धार्मिक भावनाओं को भड़काकर सत्ता हासिल करने तक सीमित रह गई है। भाजपा ने बिहार को केवल प्रयोग की भूमि बना दिया है, जहां विकास की बातें केवल कागज़ों और भाषणों में होती हैं।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए तेजस्वी ने प्रशासनिक अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार को एनडीए सरकार का चेहरा बताया। उन्होंने कहा कि जब बिहार में अपराध पर नियंत्रण की बात होती है, तो केवल आंकड़ों की बाज़ीगरी दिखाई जाती है, जबकि जमीन पर हालात कुछ और ही कहानी कहते हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य का पुलिस तंत्र राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और सरकार जनता की आवाज दबाने में जुटी है।
तेजस्वी यादव ने विश्वास जताया कि इस बार का चुनाव परिवर्तन का चुनाव है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब थक चुकी है, उसे रोज़गार चाहिए, सम्मान चाहिए और बदलाव चाहिए। “बिहार का युवा अब झूठ और छलावे को पहचान चुका है। वह अपनी ताकत के भरोसे नए बिहार की नींव रखेगा।” तेजस्वी ने कहा कि उनका मकसद केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि एक ऐसे बिहार का निर्माण करना है जो शिक्षा, उद्योग और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में नई मिसाल बने।
महागठबंधन की रणनीति पर बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि वे मुद्दों की राजनीति कर रहे हैं, नफरत की नहीं। उन्होंने कहा कि वे हर जाति, वर्ग और समुदाय को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे और बिहार को ‘बेहतर शासन’ का मॉडल देंगे। तेजस्वी ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है और इस बार की लड़ाई सीधी है — “बेरोज़गारी बनाम झूठे वादे की।”




