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CBSE पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी से मचा बवाल, री-इवैल्यूएशन के लिए छात्र परेशान

शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 मई 2026

CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 के रिजल्ट के बाद अब री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। CBSE के ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) और री-इवैल्यूएशन पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई छात्र परेशान हैं। मामला तब सुर्खियों में आया जब दिल्ली के एक 12वीं के छात्र वेदांत ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि CBSE द्वारा अपलोड की गई फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं है।

वेदांत ने आरोप लगाया कि उसे उम्मीद से बेहद कम अंक मिले, जिसके बाद उसने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की कॉपी मंगवाई। लेकिन जो कॉपी उसे मिली, वह कथित तौर पर किसी और छात्र की थी। छात्र ने आशंका जताई कि यह सिर्फ “रीचेकिंग की गलती” नहीं बल्कि उत्तर पुस्तिकाओं की टैगिंग या एक्सचेंज से जुड़ी बड़ी तकनीकी चूक हो सकती है।

इस मामले ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। छात्र को ऑनलाइन ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा और उसे “पाकिस्तानी” तक कहा गया। घटना के बाद CBSE और शिक्षा मंत्रालय पर सवालों की बौछार शुरू हो गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने CBSE से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही IIT मद्रास और IIT कानपुर की तकनीकी टीमों को भी पोर्टल की खामियों की जांच और समाधान के लिए लगाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, कई छात्र री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी डाउनलोड करने में भी तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा है, जबकि कई को गलत डेटा या अधूरी जानकारी दिखाई दे रही है।

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शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम में उत्तर पुस्तिकाओं की टैगिंग या अपलोडिंग में गड़बड़ी हुई है, तो यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बन सकता है। सोशल मीडिया पर भी छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

अब सबकी नजर CBSE की जांच रिपोर्ट और शिक्षा मंत्रालय की अगली कार्रवाई पर टिकी है, क्योंकि यह विवाद देश की सबसे बड़ी शिक्षा संस्थाओं में से एक की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।

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