एबीसी नेशनल न्यूज | वाशिंगटन | 28 फरवरी 2026
तेहरान/वाशिंगटन/तेल अवीव: शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान और कई अन्य शहरों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें गूंजीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश जारी कर घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान में “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” शुरू कर दिए हैं। ट्रंप ने ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्यों को सीधे संबोधित करते हुए कहा, “अपने हथियार डाल दो, आपको इम्यूनिटी मिलेगी। अन्यथा, निश्चित मौत का सामना करना पड़ेगा।”
ट्रंप ने अपने 8 मिनट के वीडियो में कहा, “हमारा उद्देश्य अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है और ईरानी शासन से आने वाले तत्काल खतरे को खत्म करना है। हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री को नेस्तनाबूद कर देगी, उनकी नौसेना को तबाह कर देगी और क्षेत्र में उनके प्रॉक्सी आतंकी संगठनों को खत्म कर देगी। ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपील की, “अपनी सरकार पर कब्जा कर लो – यह तुम्हारी होगी।”
यह हमला इजराइल द्वारा शुरू की गई “प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक” का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें अमेरिका भी शामिल हो गया है। इजराइल ने ईरान के रेजीम और मिलिट्री साइट्स को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान, इस्फहान, क़ोम, कराज और केरमानशाह में विस्फोट हुए हैं। धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
ईरानी मीडिया ISNA के अनुसार, IRGC के हजारों सदस्य मारे गए या घायल हुए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी की बात कही है, जिसमें कहा गया कि प्रतिक्रिया “क्रशिंग” होगी। दोनों देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इजराइल में सायरन बज रहे हैं और लोगों को अलर्ट जारी किए गए हैं।
भारतीय दूतावास ने इजराइल में भारतीय नागरिकों को “अनावश्यक यात्रा से बचने” की सलाह दी है। एयर इंडिया की तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट को वापस दिल्ली लौटना पड़ा। कतर में अमेरिकी दूतावास ने शेल्टर-इन-प्लेस एडवाइजरी जारी की है।
ट्रंप ने इसे “नोबल मिशन” बताया और कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल सिस्टम्स ने अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता विकसित की है, जिसे रोकना जरूरी था। यह हमला हफ्तों से चल रही डिप्लोमैटिक कोशिशों के असफल होने के बाद आया है, जहां ट्रंप ने ईरान पर नए न्यूक्लियर डील के लिए दबाव बनाया था।
स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान से कोई आधिकारिक बयान आना बाकी है, लेकिन क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है। दुनिया भर की नजरें अब तेहरान और वाशिंगटन पर टिकी हैं।




