राष्ट्रीय / राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 6 अप्रैल 2026
अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में सार्वजनिक निर्माण (PWD) से जुड़े ठेकों में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।
मामला अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Pema Khandu के परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए गए सरकारी ठेकों से संबंधित है। कोर्ट को बताया गया कि पिछले लगभग 10 वर्षों में करीब ₹1270 करोड़ के ठेके उन कंपनियों को दिए गए, जिनका संबंध मुख्यमंत्री के परिजनों से बताया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने CBI को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच दर्ज करे और पूरे मामले की पड़ताल करे। जांच का दायरा 2015 से 2025 के बीच दिए गए ठेकों, उनके आवंटन और क्रियान्वयन तक रहेगा। साथ ही एजेंसी को 16 हफ्तों के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट भी अदालत में पेश करनी होगी।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि ठेकों के आवंटन में हितों का टकराव (conflict of interest) हुआ और नियमों की अनदेखी कर संबंधित कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। इसमें मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों—पत्नी, माता और अन्य रिश्तेदारों—से जुड़ी फर्मों का नाम सामने आया है।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से पहले इन आरोपों को “प्रायोजित मुकदमा” बताया गया था और कहा गया कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह जांच सिर्फ प्रारंभिक स्तर पर है और इससे किसी भी पक्ष के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जांच में पूरा सहयोग किया जाए और किसी भी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ न हो।
इस फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम ने अरुणाचल प्रदेश के इस मामले को राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बना दिया है, जिस पर आने वाले दिनों में और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।




