राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 1 जून 2026
देश की सर्वोच्च न्यायपालिका को सोमवार को बड़ी मजबूती मिली, जब केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। इन नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जो स्वीकृत 38 पदों से केवल एक कम है।
केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणी मोहन, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों के साथ सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। देश की सर्वोच्च अदालत में लंबित मामलों की बड़ी संख्या को देखते हुए न्यायाधीशों की बढ़ी हुई ताकत से मामलों के शीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए न्यायाधीशों के अनुभव और विविध न्यायिक पृष्ठभूमि से सर्वोच्च न्यायालय की निर्णय प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी। यह कदम न्याय व्यवस्था को प्रभावी और तेज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत न्यायिक क्षमता 38 जजों की है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं। पांच नई नियुक्तियों के बाद अब केवल एक पद रिक्त रह गया है।




