एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 16 मार्च 2026
तेलंगाना की राजनीति में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े सांसद पुट्टा महेश कुमार का नाम एक कथित ड्रग्स मामले में सामने आया। बताया जा रहा है कि हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित एक फार्महाउस पर पुलिस की छापेमारी के दौरान सांसद और उनके कुछ साथी मौजूद थे। इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने अपने आस-पास एक से एक लीचड़ लोगों को भर रखा है। कोई ड्रग्स लेता है, तो कोई रेप करता है और यही इनकी काबिलियत है। इसी की बदौलत इनका प्रमोशन होता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि हैदराबाद के एक फार्महाउस में नशीले पदार्थों की पार्टी चल रही है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां छापा मारा। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान फार्महाउस से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कथित तौर पर कुछ लोगों ने पुलिस पर गोली चलाने की भी कोशिश की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मौके पर मौजूद लोगों में सांसद पुट्टा महेश कुमार भी शामिल थे। जांच के दौरान उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें कथित तौर पर मेथ (Methamphetamine) नामक नशीले पदार्थ के सेवन के संकेत मिलने की बात कही जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फार्महाउस पर ड्रग्स कैसे पहुंची और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है।
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ जनप्रतिनिधियों का आचरण सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के विपरीत है और इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। कांग्रेस ने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दलों की ओर से इस मामले पर अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि फार्महाउस से मिले सबूतों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई साफ हो सकेगी।




