अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन/तेहरान | 21 मार्च 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की सुरक्षा अब उन देशों को संभालनी चाहिए, जो इस समुद्री मार्ग का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। राष्ट्रपति के इस बयान को सीधे तौर पर वैश्विक रणनीति में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अमेरिका की बड़ी भूमिका रही है, लेकिन इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन अब इस जिम्मेदारी को साझा करना चाहता है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और हमलों की आशंका के बीच इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह भी संकेत है कि एशिया और यूरोप के वे देश, जो तेल के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं—उन्हें आगे आकर इसकी सुरक्षा में भूमिका निभानी चाहिए। यह वैश्विक गठबंधनों और जिम्मेदारियों के नए बंटवारे की ओर इशारा करता है।
इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र के देशों—संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर—के साथ-साथ एशियाई और यूरोपीय देशों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
रणनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर अमेरिका पीछे हटता है या अपनी भूमिका कम करता है, तो इससे क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल सकता है। इससे तनाव कम भी हो सकता है और बढ़ भी सकता है—यह पूरी तरह आगे की कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियों पर निर्भर करेगा।यह बयान ऐसे समय आया है जब पूरी दुनिया की नजरें खाड़ी क्षेत्र पर टिकी हैं। सवाल यही है—क्या अब हॉर्मुज की सुरक्षा सच में वैश्विक जिम्मेदारी बनेगी, या यह बयान आने वाले बड़े रणनीतिक बदलाव की शुरुआत है।




