एबीसी नेशनल न्यूज | मुंबई | 8 फरवरी 2026
मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम में उस वक्त खास चर्चा शुरू हो गई, जब बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan वहां पहुंचे। आमतौर पर फिल्मी दुनिया और सामाजिक आयोजनों तक सीमित रहने वाले सलमान खान का संघ के कार्यक्रम में शामिल होना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला भी रहा और उत्सुकता बढ़ाने वाला भी। कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को सामाजिक सौहार्द और संवाद के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग एक मंच पर नजर आए।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RSS प्रमुख Mohan Bhagwat ने अपने भाषण में संघ की सोच और दृष्टि को स्पष्ट शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है, क्योंकि हिंदू जीवन पद्धति है, कोई संकीर्ण धार्मिक पहचान नहीं। भागवत ने जोर देकर कहा कि संघ किसी भी समुदाय, वर्ग या विचारधारा के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने और एकता को मजबूत करने के लिए काम करता है। उनके इस बयान को मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक माहौल में अहम माना जा रहा है।
भागवत ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत की पहचान विविधता में एकता से बनी है और इसी भावना को बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि RSS का उद्देश्य समाज में डर या विभाजन पैदा करना नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ाना है। उनके मुताबिक, देश तभी आगे बढ़ेगा जब सभी नागरिक खुद को समान रूप से सम्मानित और सुरक्षित महसूस करेंगे। इस संदेश को श्रोताओं ने तालियों के साथ सराहा।
कार्यक्रम में सलमान खान की मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जहां फिल्मी दुनिया की एक बड़ी हस्ती सामाजिक संगठनों के मंच पर संवाद का हिस्सा बन रही है। वहीं, कुछ इसे सामान्य सामाजिक सहभागिता के तौर पर देख रहे हैं। सलमान खान ने मंच से कोई लंबा भाषण नहीं दिया, लेकिन उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों का मकसद अलग-अलग क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों से संवाद स्थापित करना और समाज में सकारात्मक संदेश देना है। उनका मानना है कि कला, संस्कृति और समाज के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, उतना ही देश में आपसी समझ और भाईचारा बढ़ेगा। सलमान खान जैसे लोकप्रिय अभिनेता की मौजूदगी इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, मुंबई का यह कार्यक्रम सिर्फ एक संगठनात्मक बैठक नहीं रहा, बल्कि उसने सामाजिक विमर्श को भी जन्म दिया। एक ओर RSS प्रमुख का “संघ किसी के खिलाफ नहीं” वाला बयान, तो दूसरी ओर बॉलीवुड के बड़े सितारे की मौजूदगी—दोनों ने मिलकर यह संदेश दिया कि संवाद और सहभागिता के जरिए समाज में दूरी कम की जा सकती है। आने वाले दिनों में इस आयोजन के मायने और प्रभाव पर चर्चा और गहराने की संभावना है।




